ठगी के लिये म्यूल खाता उपलब्ध करवाने वाला धमेन्द्र साहू पुलिस की गिरफ्त में, आप भी फंस सकते है ऐसे मामलों में।

धमतरी : बिना जानकारी और थोड़े से पैसों के लालच में लोगों को जेल जाना पड़ रहा है, वहीँ ऑनलाईन ठगी के बढ़ते मामलों पर सख्ती दिखाते हुए धमतरी पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में थाना मगरलोड पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए ऑनलाइन ठगी में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त अनलॉजमेंट नंबर के आधार पर म्यूल अकाउंट लेयर-1 की जांच की गई थी। मामले की जांच में सामने आया कि 09 जनवरी 2026 को बैंक ऑफ बड़ौदा, मेघा शाखा (थाना मगरलोड) के एक खाते में ऑनलाइन ठगी के माध्यम से 24 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई थी।

लोन दिलाने का झांसा देकर की गई ठगी :

इस मामले की जांच में उक्त खाता धमेन्द्र कुमार साहू पिता भगोली राम साहू (उम्र 27 वर्ष) निवासी बेलोरा, थाना मगरलोड, जिला धमतरी के नाम पर दर्ज पाया गया। जिसके बाद विवेचना के दौरान पीड़िता व गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें खुलासा हुआ कि एक व्यक्ति द्वारा धनलक्ष्मी बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर पीड़िता का मोबाईल लेकर फोन-पे का पासवर्ड प्राप्त किया गया और आरोपी के खाते के क्यूआर कोड के माध्यम से 24 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। वहीँ बैंक स्टेटमेंट के अवलोकन से पुष्टि हुई कि ठगी की राशि यूपीआई ट्रांजेक्शन के माध्यम से सीधे आरोपी के खाते में प्राप्त हुई थी।

गाइडलाइन का पालन नहीं, मोबाइल फोन जब्त :

इस मामले की शिकायत में पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह चॉइस सेंटर संचालन से जुड़ी किसी भी सरकारी गाइडलाईन का पालन नहीं कर रहा था और लेन-देन से संबंधित कोई रजिस्टर भी संधारित नहीं किया गया था। वहीँ आरोपी द्वारा क्यूआर कोड के माध्यम से राशि प्राप्त करना स्वीकार किए जाने पर उसका मोबाईल फोन भी जब्त किया गया है। वहीँ पीड़िता, गवाहों के कथन एवं बैंक खातों से संबंधित दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर थाना मगरलोड में अप.क्र.-06/26, धारा 317(2), 317(4), 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

म्यूल अकाउंट क्या है?

म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसे कोई व्यक्ति अपने नाम से खोलकर या दूसरों को उपयोग करने देता है, ताकि अपराध से अर्जित धन का लेन-देन किया जा सके। साईबर ठग ऐसे खातों का उपयोग ऑनलाईन ठगी, फर्जी निवेश, लोन ऐप, ओटीपी फ्रॉड जैसे अपराधों में करते हैं, और खाताधारक को कुछ पैसों का लालच देकर उससे खाते प्रयोग करते है। कानूनन इसकी जिम्मेदारी खाताधारक की ही होती है।

धमतरी पुलिस की आम जनता से अपील :

धमतरी पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि

  • अपना बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई, ओटीपी या चेकबुक किसी को न दें।
  • “आसान पैसे” या “कमीशन” के लालच में न आएं।
  • अनजान कॉल या मैसेज पर केवाईसी अपडेट न करें।
  • संदेह की स्थिति में तुरंत 112, नजदीकी थाना या साईबर सेल से संपर्क करें।
  • यदि कोई खाता इस्तेमाल करने को कहे तो मना करें और तुरंत सूचना दें।

धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाईन ठगी और म्यूल अकाउंट से जुड़े मामलों में आगे भी सख्त कार्यवाही जारी रहेगी। ऐसे में लोगों को इस प्रकार के मामलों के प्रति सचेत रहना चाहिये।