कौशल्या धाम परिसर चंदखुरी में स्थापना के लिए पहुंची प्रभु श्रीराम की नई प्रतिमा, काफी प्रतीक्षा के बाद पूरी होगी भक्तों की मंशा।

रायपुर : चंदखुरी में स्थापित भगवान राम की प्रतिमा आस्था के अनुरूप ना होने पर शुरू से ही विवाद रहा है, सत्ता बदलने के बाद उक्त मूर्ति को भी बदलने की बात सामने आई थी, अब चंदखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर परिसर में स्थापना के लिए ग्वालियर से भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची वनवासी प्रतिमा रायपुर पहुंच गई है। प्रतिमा को रीजनल आर्ट एंड क्राफ्ट डिजाइन सेंटर में प्रसिद्ध मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा ने इस मूर्ति का निर्माण किया गया है।

प्रभु श्रीराम की नई प्रतिमा की स्थापना कांग्रेस शासनकाल में कौशल्या धाम परिसर में वर्ष 2021 में 51 फीट ऊंची श्रीराम की प्रतिमा के स्थान पर की जायेगी। बता दें कि तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार ने उस समय राम वन गमन पथ और कौशल्या धाम जीर्णोद्धार को एक ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में प्रचारित किया था। उस समय सरकार ने आनन फानन में गलत स्वरूप की प्रतिमा स्थापित करवा दी थी, प्रतिमा के स्वरूप को लेकर विपक्ष में रही भाजपा ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि भगवान राम के स्वरूप के अनुरूप मनमोहक नहीं है। यह प्रतिमा भी ग्वालियर के मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा द्वारा बनाई गई थी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र :

विगत वर्ष 20 नवंबर को भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद भी नई प्रतिमा की स्थापना में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए नई प्रतिमा के संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा था। पत्र में उल्लेख किया गया था कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद भी यह मांग लगातार उठती रही, किंतु दो वर्षों के बाद भी मूर्ति परिवर्तन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने से जनता में निराशा व्याप्त है। प्रतिमा बदलने का कार सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से संभव हो सका है।

पर्यटन मंत्री ने दिया था आश्वासन :

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा है कि चंदखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर परिसर में इसी माह प्रभु श्रीराम की नई मूर्ति स्थापित कर दी जायेगी। यह मूर्ति अब पूरी तरह से तैयार है। रायपुर पहुंचने के बाद पूरे विधि-विधान के साथ इसकी स्थापना की जायेगी।

इसके साथ ही आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा पहले भी दो मूर्तियों के ऑर्डर ग्वालियर को दिए जा चुके हैं जो की श्री राम पथ गमन के लिए शिवरीनारायण और सीता रसोई में स्थापित की जा चुकी है। उन मूर्ति के स्वरूप को देखकर ही ग्वालियर को 51 फीट ऊंची प्रतिमा का आर्डर मिला था, प्रतिमा को ग्वालियर के सेंड मिंट स्टोन से तैयार किया गया है, जो अपने आप में देश के अंदर मजबूत पत्थर के रूप में ख्याति प्राप्त है और इसकी तराशी गई प्रतिमा बहुत मजबूत और सुंदर होती है, अब यह प्रतिमा जल्द ही अपने तय स्थान पर लगा दी जायेगी, इस मामले को रायपुर सासंद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया था, जिसको लेकर माचिस मीडिया ने भी भरपूर उठाया है।