शाहजहांपुर (उ.प्र.) : कई बार आपने सुना होगा कि तेलंगाना के हैदराबाद में श्रीराम नवमी शोभायात्रा के दौरान मस्जिदों को ढँक दिया जाता है, वहीँ यहाँ भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार उ.प्र. के शाहजहांपुर में लाट साहब के निकलने वाले जुलूस को लेकर तैयारियां जोरों पर हो रही हैं। इसी के चलते यहां जिला प्रशासन ने मुस्लिमों के इबादत गाहों को ढंकना शुरू कर दिया है और पूरे शाहजहांपुर में 92 मस्जिदों को तिरपाल से ढंका जा रहा है। प्रशासन ने ऐसा कदम इसलिए उठाया है क्योंकि होली के रंग के दौरान कोई शरारती तत्व इबादत गाह पर रंग ना डाल दे, जिससे कोई सांप्रदायिक बवाल खड़ा हो सके।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल शाहजहांपुर का लाट साहब का जुलूस बेहद ही अनोखे ढंग से मनाया जाता है। यहां लाट साहब को भैंसा गाड़ी पर बैठाकर पूरे शहर में घुमाया जाता है। भैंसा गाड़ी पर बैठाकर, हेलमेट पहनाने के बाद लाट साहब की जूते और चप्पलों से पिटाई की जाती है। रंग से सराबोर करते हुरियारे, चीखते चिल्लाते हुए लाट साहब पर चप्पलों एवं जूतों की बौछार करते हैं। इस जुलूस में काफी भीड़ होती है, वहीँ शरारती तत्व हुड़दंग भी मचाते है।
प्रशासन द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द्र को कायम रखने के उद्देश्य से बड़े एवं छोटे लाट साहब के रूट पर पड़ने वाली लगभग छोटी बड़ी 92 मस्जिदों को पॉलिपैक से ढंका जा रहा है। यहाँ जिला प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाये रखने के लिए और किसी प्रकार की अनहोनी ना हो इसी उद्देश्य को लेकर शहर के 92 इबादत गाहों को तिरपाल से ढँक दिया है। जिला प्रशासन का कहना है कि होली के रंग के दौरान कोई हुड़दंगी मस्जिद पर रंग ना डाल दे इसके लिए यह आवश्यक कदम उठाया गया है।



