चंडीगढ़ (पंजाब) : गुरदासपुर में एएसआई और होमगार्ड जवान की मौत के मामले में अब गैंगबाजों की एंट्री भी हो गई है। दो पुलिसकर्मियों की मौत के बाद एक ओर जहां तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) नाम के संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली है। वहीं, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने खुली चेतावनी जारी कर दी है, अब दोनों पक्षों में तनातनी बनी हुई है। इस बीच पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का ऑडियो भी सामने आया है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग की एंट्री ने मामले को और भड़का दिया है। इस गैंग के सदस्य हैरी बॉक्सर ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कहा है कि हमारे देश के दो काबिल और ईमानदार अफसरों को आतंकियों ने शहीद किया है। हम इसका बदला खून से लेंगे।
तुमने दो शहीद किए हैं, हम दस मारेंगे। पोस्ट में आतंकियों का साथ देने वालों को भी खुली धमकी दी गई और कहा गया है कि देश की रक्षा करने वालों पर आंख उठाने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। लॉरेंस ग्रुप ने सीधे तौर पर जिम्मेदारी लेने वाले संगठन को चेतावनी देते हुए बदले की बात कही। इस बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। उक्त पोस्ट में कहा गया है कि पोस्ट में कहा गया है कि तुमने 2 शहीद किए हैं, हम 10 मारेंगे। इन आतंकियों का साथ देने वाले गद्दार गैंगस्टरों का गला काटेंगे। देश की रक्षा करने वाले सैनिकों और प्रशासन की तरफ आंख उठाने वालों की आंखें निकाल लेंगे। लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप तुम्हें ऐसी गंदी मौत देगा कि आगे से कोई ऐसी हिम्मत नहीं करेगा।
दूसरी तरफ पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें उसने घटना पर दुख जताते हुए पंजाब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाये। भट्टी ने कहा है कि जब निर्दोष लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते हैं या फर्जी एनकाउंटर किए जाते हैं, तो ऐसी प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं। उसने यह भी कहा कि हो सकता है मारे गए दोनों पुलिसकर्मियों का किसी विवाद से कोई लेना-देना न हो, लेकिन गुस्सा निकालने वाले लोग सामने जो मिलता है उसे निशाना बना देते हैं। हालांकि, उसके इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उसके इस बयान ने इस आग को और भी भड़का दिया है।
शनिवार और रविवार की दरमियानी रात गुरदासपुर के दुरंगला पुलिस पोस्ट पर तैनात एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार के शव मिले थे। यह चौकी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है। सुबह करीब 8 बजे आदियां गांव के सरपंच कमलजीत सिंह पुलिस पोस्ट पहुंचे तो एएसआई कुर्सी पर मृत अवस्था में मिले, जबकि होमगार्ड चारपाई पर रजाई ओढ़े पड़ा हुआ था।
एएसआई के सिर और होमगार्ड के सीने में गोली लगी हुई थी। मौके से चार गोलियों के खोल बरामद हुए थे। दोनों के अलावा पोस्ट पर कोई तीसरा जवान तैनात नहीं था। घटना के बाद रविवार शाम इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्टर वायरल हुआ, जिसमें तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। वहीँ पोस्टर में इसे ‘गजवा-ए-हिंद’ की सफलता बताया गया और दावा किया गया कि अल-बुर्क ब्रिगेड ने दुरंगला पुलिस स्टेशन पर हमला किया है। साथ ही भारतीय सुरक्षाबलों को चेतावनी दी गई है कि वे इस्तीफा दे दें, अन्यथा उन्हें घरों में निशाना बनाया जायेगा।
हालांकि, गुरदासपुर के एसएसपी आदित्य ने कहा है कि वायरल पोस्टर की जांच की जा रही है और पंजाब या भारत में ऐसे किसी संगठन की सक्रियता की पुष्टि नहीं हुई है। वहीँ पुलिस ने इसे संभावित प्रोपेगेंडा बताते हुए सभी एंगल से जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। अमृतसर के अजनाला क्षेत्र समेत कई जगहों पर विशेष नाकाबंदी की गई है और हर वाहन की सख्ती से जांच की जा रही। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि टीटीएच नाम के संगठन की वास्तविकता पर संदेह है, जबकि लॉरेंस गैंग की खुली धमकी से माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।
वहीँ इस मामले में पुलिस का कहना है कि हर पहलू की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का सच सामने लाया जाएगा। सीमावर्ती पंजाब में दो पुलिसकर्मियों की यह हत्या अब सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि आतंकी दावे, गैंगस्टर चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय साजिशों के आरोपों के बीच बड़ी सुरक्षा चुनौती बन चुकी है। वहीँ ऐसे मामलों में जांच के बाद ही वास्तविक तथ्य सामने आ सकेंगे।



