डोंगरगढ़ : सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर कई बार ठगी के मामले सामने आये है, ऐसे में कई बार इनमें रसूखदारों की मिलीभगत की बात भी कही जाती है, वहीँ सामने आये मामले के अनुसार कलेक्टर कार्यालय खैरागढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लोगों से 11 लाख रुपये की ठगी का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। इस प्रकरण में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, लेकिन जांच में राजनीतिक संरक्षण और रसूखदार लोगों की भूमिका सामने आने की चर्चा ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। जिससे प्रशासनिक अमले में उथल पुथल मच गई है। पीड़ित धीरज साहू की शिकायत पर डोंगरगढ़ थाना में अपराध क्रमांक 97/2026 धारा 420 और 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस मामले में आरोप है कि बेरोजगार युवाओं और उनके परिजनों को कलेक्टर कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर की सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया गया था और उनसे अलग-अलग किस्तों में बड़ी रकम वसूली गई। कुल मिलाकर पांच लोगों से 11 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, हालांकि जांच यहीं नहीं रुकी है और अब इस ठगी के नेटवर्क के पीछे छिपे प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच तेज कर दी गई है।
मामले में सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल में कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। मामले को लेकर बताया जा रहा है कि भोले-भाले युवाओं को भरोसे में लेने और नौकरी का विश्वास दिलाने में इन प्रभावशाली चेहरों की भूमिका अहम रही है, जिससे वो झांसे में आ गये, यही कारण है कि अब तक इस मामले के कई कथित सूत्रधार पुलिस कार्यवाही से दूर बने हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य रसूखदार आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जायेगा। यह मामला एक बार फिर बेरोजगारी के नाम पर सक्रिय ठगी गिरोहों और उनके कथित राजनीतिक संरक्षण पर सवाल खड़े कर रहा है। अधिकांश ऐसी घटनाओं में रसूखदारों के शामिल होने के मामले खुल चुके है, वहीँ अब पुलिस की आगामी कार्यवाही पर पीड़ितों सहित पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।



