9 साल की बच्ची से दुष्कर्म और जान से मरने की धमकी मामले में कोर्ट ने दिया फैसला, आरोपी महेश धीवर को मिला 20 वर्ष का सश्रम कारावास।

रायपुर : सामने आये मामले के अनुसार छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित टिकरापारा थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। यहाँ द्वितीय फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो) के पीठासीन अधिकारी विनय कुमार प्रधान ने आरोपी महेश धीवर (35) को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है, आरोपी ने दो वर्ष घिनौना काण्ड किया तह। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 8 मई 2024 की शाम करीब 5.30 बजे की है। 9 वर्ष 7 माह की मासूम बच्ची दूधाधारी मठ मंदिर के पास गोबर लेने गई हुई थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, जिससे बच्ची घायल हो गई और सहम गई थी, उसकी हालत काफी खराब थी।

इस घटना के बाद आरोपी ने बच्ची को जान से मारने की धमकी भी दी और किसी को भी इस घटना की जानकारी देने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। घटना के बाद डरी-सहमी बच्ची ने घर पहुंचकर अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद 13 मई 2024 को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। जिसके बाद पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए 16 मई 2024 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। वहीं जांच के दौरान पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया गया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के इस फैसले को बाल संरक्षण कानूनों के तहत सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों के साथ अपराध करने वालों के 20 साल क सजा मिली है। ऐसे कृत्यों से नाबालिगों का जीवन खराब हो रहा है, लेकिन दरिन्दे इससे बाज नहीं आ रहे है।