जगदलपुर : पहले तो आपको गुगली होने का अर्थ बता देते है, क्रिकेट में “गुगली” का अर्थ एक धोखे में डालने वाली लेग-स्पिन गेंद है जो स्पिनर के हाथ से निकलने के बादलेग-स्पिन के सामान्य टर्न (दायें हाथ के बल्लेबाज से दूर) के विपरीतटप्पा खाने के बाद अंदर की ओर (बल्लेबाज की तरफ) घूमती है, जिससे धोखा हो जाता है। वहीँ अब मामला बताते है आपको जिसके अनुसार बस्तर की आस्था से जुड़े हुये शहर के मां दंतेश्वरी मंदिर में चोरी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मंदिर से आभूषण चोरी करने वाला आरोपी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है। यहाँ बस्तर पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते इस हाई-प्रोफाइल चोरी की गुत्थी सुलझा ली गई है, जिससे पुलिस ने राहत की सांस ली है।
इस मामले में आरोपी की पहचान मोनू यादव पिता मंगल यादव निवासी कोसमी (ओड़िशा) के रूप में हुई है। आरोपी का ससुराल फ्रेजरपुर क्षेत्र में बताया जा रहा है। जगदलपुर के दंतेश्वरी मंदिर में चोरी के बाद स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश था, वहीँ वारदात वाले दिन मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद फुटेज और साईबर सेल की गहन पड़ताल ने पुलिस को आरोपी तक पहुंचाया। सुराग मिलते ही टीम ने ओड़िशा में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया है और चोरी का पूरा सामान भी बरामद कर लिया है।
नकली होने पर आभूषणों को बेच नहीं पाया :
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया, जब जांच में पता चला कि सरस्वती माता की प्रतिमा और नारायण मूर्ति से चोरी की गई चैन असल में सोने की नहीं, बल्कि नकली थी। चोरी का उद्देश्य पूरा न होने के कारण आरोपी इन आभूषणों को बेच ही नहीं पाया और ओड़िशा में जाकर छिप गया। बोधघाट थाना, कोतवाली थाना और साइबर सेल की संयुक्त कार्यवाही ने आखिरकार आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की। जिसके बाद इस मामले में चोर की गूगली हो गई।
गांजा तस्करी में जेल जा चुका है आरोपी :
पुलिस के अनुसार आरोपी मोनू यादव आदतन अपराधी है। वर्ष 2024 में वह गांजा तस्करी के मामले में सजा काट चुका है, उस पर पहले से ही मामले दर्ज है। वह जेल से छूटने के बाद मार्केल सिवनागुड़ा आवास प्लाट पारा क्षेत्र में रह रहा था। आस्था से जुड़े इस मामले में पुलिस की कार्यवाही ने न सिर्फ चोरी की गुत्थी सुलझाई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि कानून से बच पाना आसान नहीं है। इस तरह चोर के हाथ कुछ आया तो नहीं बल्कि उल्टा जेल जाना पड़ गया।



