अली शाह ‘मासूम’ की मजार जब की जा रही थी ध्वस्त तो लोग हो रहे थे भावुक, फिर खुली चौंकाने वाली कहानी।

गोरखपुर (उ.प्र.) : अवैध मजारों की हर जगह बाढ़ है, जिसको लेकर उ.प्र. सरकार ने अभियान चलाया हुआ है। ऐसे ही गोरखपुर जिले के शाहपुर थानाक्षेत्र में आवास विकास कॉलोनी के पास स्थित गोड़धोइया पुल के पास बनी हजरत बाबा जाफर अली शाह ‘मासूम’ की मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्यवाही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट गोड़धोइया नाला चौड़ीकरण के तहत की गई है।

इस मामले में जानकारी मिली है कि, मजार सरकारी जमीन पर बनी हुई थी, जैसे ही ध्वस्तीकरण की सूचना आसपास के लोगों को मिली, बड़ी संख्या में महिलायें और पुरुष मौके पर जुट गए और विरोध जताया, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे किसी की नहीं चली।

प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त की मजार :

बताया जा रहा है कि गोड़धोईया नाला पुल के पास में बरसों पहले मजार बनाई गई थी। गुरुवार को शासन के निर्देश पर बुलडोजर चलाकर इसे ध्वस्त कर दिया गया है। ध्वस्तीकरण की सूचना जैसे ही आसपास के मोहल्ले वासियों को हुई लोग मजार के पास पहुंच गए और कार्यवाही का विरोध करना शुरू कर दिया, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे उनकी एक न चली। बता दें कि गोड़धोईया नाला चौड़ीकरण और निर्माण कार्य के दौरान बीच में आए किसी भी अतिक्रमण वाले स्थल को हटाया जा रहा है। यह कार्यवाही किसी भेदभाव के तहत नहीं की गई है।

ध्वस्तीकरण की कार्यवाही होते देख उपस्थित महिलायें भावुक हो उठीं और बड़े हीनिराशा भाव से दूर खड़े होकर कार्यवाही को देखती रहीं। उनका कहना था कि हम बरसों से मजार पर आकर बाबा के आस्ताने में हाजरी लगा कर मन्नते मांगते थे। वहीं, मोहल्ले के रहने वाले मोहम्मद खालिद का कहना था कि मेरी उम्र 45 साल है और बचपन से ही मैं इस मजार को यहां देख रहा हूं। उसके पहले से यह मजार यहां स्थित है। रही बात सरकारी जमीन पर कब्जे की तो मुझे इसके विषय में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि प्रशासन की इस कार्यवाही से हमें कोई आपत्ति नहीं है, हमें पहले से ही इसकी जानकारी थी, सड़क और नाला चौड़ीकरण की जद में कोई भी अतिक्रमण आ रहा है। प्रशासन की तरफ से उसे पूर्व सूचना के आधार पर हटाने की कार्यवाही की जा रही है।

पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनी थी मजार :

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तीन दिवसीय दौरे पर इन दिनों गोरखपुर में मौजूद है। जिसको लेकर बताया जा रहा है कि यह मजार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट 2031 के तहत गोड़धोइया नाला निर्माण और चौड़ीकरण की जद में आ रही थी। फिलहाल इस संदर्भ में संबंधित अधिकारियों ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह मजार पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनी थी, जिसके कारण इसे हटाया गया है।

आपको बता दें कि गोड़धोइया नाला और चौड़ीकरण का प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसको लेकर प्रशासन अपना पूरा जोर लगा रहा है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनी इस मजार को भी ध्वस्त कर दिया गया है।