ऑनलाईन पेमेंट का स्क्रीनशॉट देखकर निश्चिन्त रहा व्यापारी, फिर जब खाता चेक किया तो पैरों के नीचे से खिसक गई जमीन और फिर….।

बिलासपुर : दुनियां बदल रही है तो हमें भी जागरूक रहना होगा, अब दुनियां तकनीक की है तो हमें भी ना चाहकर तकनीकी जानकारी रखना जरुरी है। अब जहाँ ऑनलाईन भुगतान की व्यवस्था शुरू हो गई है ऐसे में हमें भी सचेत रहना पड़ेगा, डिजिटल दुनिया में फर्जीवाड़े के कई मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई व्यापारी भी आसानी से इसका शिकार हो रहे हैं। ऐसे ही बिलासपुर के तारबाहर में एक युवक ऑनलाईन पेमेंट का स्क्रीनशॉट भेजकर कई महीनों तक राशन मंगाता रहा।

वहीँ जब दुकान मालिक ने 5 महीने के बाद अपने खाते की जांच किया तो उसके होश उड़ गए थे। 17 लाख रुपए से अधिक के हुए लेनदेन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। व्यापार विहार स्थित अनाज मंडी के थोक व्यापारी संदीप अग्रहरि को भटगांव, सारंगढ़ निवासी राजेंद्र खांडेकर ‘अक्षांश किराना भंडार’ के नाम से माल मंगवाता था। फिर नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच आरोपी ने कई बार ऑर्डर दिये, हर बार वह भुगतान के समय मोबाईल पर पैसे ट्रांसफर करने का फर्जी स्क्रीनशॉट भेज देता था, जिसे देखकर दुकानदार निश्चिन्त हो जाता था।

वहीँ व्यापारी भी भरोसा कर माल ट्रांसपोर्ट के जरिए भेजता रहा, लेकिन 5 महीने बाद खातों का मिलान करने पर पता चला कि 17 लाख 84 हजार रुपए का भुगतान हुआ ही नहीं है। फिर पीड़ित व्यापारी ने इस मामले की शिकायत की, जिसके बाद तारबाहर थाना प्रभारी रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में टीम ने सारंगढ़ के भटगांव में दबिश देकर आरोपी राजेंद्र खांडेकर (32) को हिरासत में लिया और फिर कड़ाई से पूछताछ में उसने फर्जी स्क्रीनशॉट बनाकर ठगी करने की बात स्वीकार कर ली है। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में आवश्यक कार्यवाही की। ऐसे में आपको भी जब तक खाते में रकम की प्राप्ति तय ना हो जाये , तब तक किसी भी प्रकार का लेनदेन ना करें।