सूरजपुर : कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़कापारा स्थित साप्ताहिक हाट-बाजार में चोरी के संदेह में दो महिलाओं के साथ भीड़ द्वारा अमानवीय व्यवहार और गंभीर मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बाजार में उमड़ी उग्र भीड़ ने दोनों महिलाओं पर मोबाईल फोन और हजारों रुपये की नकदी चोरी करने का आरोप मढ़ते हुए उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और कानून को ताक पर रखकर सरेआम जमकर पिटाई कर दी।
चोरी का संदेह जताकर भीड़ का हिंसक रूप, दया की गुहार से इंकार :
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बड़कापारा के व्यस्त साप्ताहिक बाजार में खरीद-फरोख्त के दौरान कुछ लोगों ने दोनों महिलाओं की गतिविधियों पर संदेह जताया। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और स्थिति अनियंत्रित हो गई। भीड़ ने पुलिस को सूचना देने या विधिक प्रक्रिया अपनाने की बजाय खुद ही फैसला सुना दिया। महिलाओं को बीच बाजार में घेरकर अपमानजनक तरीके से पूछताछ की गई और लात-घूंसों तथा थप्पड़ों से हमला बोल दिया गया। पीड़ित महिलाएं आरोपों से लगातार इंकार करती रहीं और अपनी बेगुनाही की दुहाई देती रहीं, परंतु हिंसक भीड़ ने उनकी एक न सुनी।
सोशल मीडिया और ऑनलाईन प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो वायरल :
इस पूरी अमानवीय घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाईल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब विभिन्न ऑनलाईन माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। प्रसारित वीडियो फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि खचाखच भरे बाजार में तमाशबीनों की मौजूदगी के बीच किस तरह दोनों महिलाओं पर प्रहार किए जा रहे हैं। इस फुटेज के सार्वजनिक होने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है और यह स्पष्ट हो गया है कि घटना के वक्त मौके पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह ठप्प नजर आ रही थी।
हाट-बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था लाईन से बाहर, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल :
बड़कापारा के साप्ताहिक बाजार में घटित इस वारदात ने सार्वजनिक व व्यापारिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि :
- दूर-दराज और सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले व्यापारियों व खरीदारों की सुरक्षा हेतु पुलिस बल की नियमित लाईन तैनात नहीं की जाती।
- ऐसे संवेदनशील भीड़भाड़ वाले आयोजनों में अंतर्राज्यीय गिरोहों अथवा जेबकतरों की सक्रियता की रोकथाम के लिए कोई ठोस योजना नहीं रहती।
- सुरक्षाकर्मियों की गैर-मौजूदगी के कारण असामाजिक तत्व बेखौफ होकर कानून को अपने हाथों में लेने का दुस्साहस कर रहे हैं।
पुलिस का रुख: उपद्रवियों की पहचान कर मुकद्दमा दर्ज करने की तैयारी :
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा वायरल फुटेज का तकनीकी विश्लेषण कर मारपीट करने वाले मुख्य आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी नागरिक को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है और यदि चोरी का कोई संदेह था, तो विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। चिन्हित उपद्रवियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकद्दमा दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी। पुलिस दल यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय न हो।



