बलात्कारी आफताब मोहम्मद को बचाने की साजिश के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन, रेप पीड़िता की मां की रिहाई तक चलेगा आन्दोलन। बलात्कारी के पक्ष में भाजपा नेता।

बिलासपुर : मामला रतनपुर का है, जहाँ बलात्कारी आफताब मोहम्मद के मामले को दबाने के लिये TI की मिली भगत से रेप पीडिता की माँ के ऊपर जबरन पोक्सो एक्ट में कार्यवाही कर जेल भेज दिया गया है। मामला रेप पीड़िता की मां पर काउंटर केस दर्ज कर उसे जेल भेजने के बाद शांत नहीं हो रहा है। रतनपुर में बंद के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है। सोमवार की रात स्थानीय लोगों ने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतर गए और मशाल जुलूस निकालकर विरोध-प्रदर्शन किया। इधर, विश्व हिंदू परिषद और ब्राह्मण समाज ने भी पीड़िता की मां की रिहाई और दोषी टीआई के खिलाफ सख्त कार्यवाही होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

रतनपुर पुलिस की ओर से पाक्सो एक्ट के एक एफआईआर ने बवाल मचा दिया है। इस कार्यवाही के विरोध में विश्व हिंदू परिषद के साथ ही सामाजिक संगठन के लोग लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें आम लोग भी काफी संख्या में शामिल हो रहे है। सभी लोगों ने रविवार को रतनपुर बंद के आह्वान के बाद सोमवार को कलेक्टोरेट का घेराव कर जमकर हंगामा मचाया और दुष्कर्म जैसे गंभीर केस में आरोपी के बचाव में काउंटर केस दर्ज करने पर चिंता जताई। साथ ही कहा कि पुलिस आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही है, जो समाज के हर वर्ग के लिए खतरनाक है। सम्बंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही की जाये।

विश्व हिंदू परिषद व सामाजिक संगठनों ने निकाली मशाल रैली :
सोमवार की देर शाम विश्व हिंदू परिषद और सामाजिक संगठनों ने रतनपुर में मशाल रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि आरोपी युवक को चरित्र प्रमाण पत्र देने वाले नगर पालिका के पार्षदों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। साथ ही पीड़िता की मां को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतर कर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इस मुद्दे को लेकर आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है।

टीआई का बचाव कर मामले को ठंडा करने का आरोप :
प्रदर्शनकारी अब इस आंदोलन को प्रदेश स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। उनका कहना है कि जिला प्रशासन ने एक तरफ जहां इसे पुलिस की भूल बताया है। वहीं एसपी संतोष कुमार सिंह ने इस मामले को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। लेकिन, टीआई को निलंबित करने के बजाए लाइन अटैच किया है। ऐसे में कहा जा रहा है कि जांच के बहाने इस गंभीर मामले को ठंडा करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही एसपी पर टीआई का बचाव करने का भी आरोप लगाया है और जांच टीम बनाने पर भी सवाल उठाए हैं। पुलिस किसी प्रकार का कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है, जिसमें बड़े अधिकारीयों के मिले होने का आरोप भी लोगों ने लगाया है।

पुलिस मुस्तैद, अतिरिक्त बल तैनात :
मामला बिगड़ता देख देर रात ही रतनपुर में अतिरिक्त बल की तैनात की गई है। एहतियात के तौर पर पुलिस अफसर व जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। अप्रिय घटना न हो, इसलिए मशाल जुलूस के साथ पुलिस अफसर व जवान भी घुमते रहे। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से शांति की अपील की है।

ये था विवाद, पुलिस के खिलाफ भड़का आक्रोश
रतनपुर क्षेत्र में रहने वाली एक दुष्कर्म पीड़िता युवती की मां के खिलाफ पुलिस ने काउंटर केस दर्ज कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि 10 साल के बच्चे के साथ रेप पीड़िता की मां ने अप्राकृतिक कृत्य किया है। युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी के परिजनों ने रेप का केस दर्ज होने के बाद पहले दबाव बनाकर समझौता कराने का प्रयास किया। जिस बच्चे के नाम से आरोप लगाकर माँ को जेल भेजा गया है, वो उन्हीं से सम्बंधित है।

इसके बाद भी बात नहीं बनी तो मां-बेटी को धमकी दी गई। फिर पुलिस से मिलीभगत कर अजीबोगरीब केस बनाकर उसकी मां को जेल भेज दिया है। रेप जैसे गंभीर केस में काउंटर मामला दर्ज करने के बाद पुलिस के खिलाफ आक्रोश भड़क गया और विश्व हिंदू परिषद समेत सामाजिक संगठन विरोध में उतर आए। अब इस मुद्दे पर रतनपुर में माहौल गरम है।

कलेक्टोरेट में धरना
इस दौरान कलेक्टोरेट का घेराव करने पहुंचे समाज के लोग परिसर में ही धरने पर बैठकर हंगामा मचाते रहे। उस समय कलेक्टर सौरभ कुमार अपने दफ्तर से बाहर थे। समाज के लोग कलेक्टर से मिलने पर ही अड़े रहे। लिहाजा, कलेक्टर सौरभ कुमार अपने दफ्तर पहुंचे। समाज के पदाधिकारियों ने उन्हें इस पूरे केस की जानकारी दी और पीड़िता की मां के खिलाफ दर्ज केस निरस्त कराने की मांग की। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर सौरभ कुमार ने मामले में गंभीरता दिखाई है ।उन्होंने कहा कि वे खुद इस केस को देख रहे हैं और बहुत जल्द महिला को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

कांग्रेस नेता पीड़िता के पक्ष में जबकि भाजपा नेता बलात्कारी के पक्ष में :
कांग्रेस नेता और ब्राह्मण समाज से जुड़े महेश दुबे ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस केस में सुनियोजित और अजीब तरीके से पुलिस ने खेल किया है। भाजपा के नेता के फोन करने के बाद पुलिस ने 151 जैसे प्रतिबंधात्मक कार्यवाही से भी तेज पाक्सो एक्ट का केस दर्ज कर लिया। इस मामले में नगर पंचायत के पार्षदों ने पुलिस प्रशासन को लिखकर चरित्र प्रमाण पत्र दिया है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए। क्योंकि, इस तरह के गंभीर केस में राजनीति होगी, तो फिर क्या होगा।