रायपुर : देहदान करने से जरूरतमंद को आवश्यक अंग मिल सकता है, मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को सीखने के लिए देह मिल जाती है। छात्र जितना अभ्यास करेंगे, उतने ही अच्छे और अनुभवी डॉक्टर हमें मिलेंगे। शास्त्रों की मानें तो कहते हैं मृत्यु के पश्चात क्रियाकर्म होना जरूरी है, वरना मोक्ष नहीं मिलता है। इसलिये अधिकतर लोग देहदान नहीं करते , जबकि देहदान मानव हित के लिये महत्वपूर्ण है। मानवहित में बढ़ते कदम लगातार कोई ना कोई सराहनीय कार्य करवाते रहते है, देहदान प्रभारी राजू झामनानी एवं अजय जयसिंघानी ने बताया कि स्व. प्रकाशलाल जी का देहदान श्री बालाजी इंस्टिट्यूट को किया गया। दूसरा शहर के प्रतिष्ठित सुशील जैन व नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप जैन की माताजी स्व. कुसुमदेवी जैन का देहदान पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर को किया गया। उल्लेखित है कि जैन परिवार से ही 05 वर्ष पूर्व 13 अक्टूबर 2018 को उनके पिता स्व.के. सी. जैन का देहदान भी कराया गया था। मेडिकल साइंस की आवश्यकता एवं मानवहित में जैन परिवार की ऐसी सोच के लिए बढ़ते कदम परिवार उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। प्रवक्ता सुंदर बजाज एवं किशोर पंजवानी ने बताया कि एक शरीरदान से सैकड़ों बच्चे अध्ययन करके हजारों लाखों लोगों का भला कर सकेंगे, ऐसी भावना व जागरूकता के चलते संस्था द्वारा अब तक 174 देहदान कराए जा चुके हैं। संस्था सभी देहदान दाता परिवारों का ह्रदय से आभार व्यक्त करती है।