रायपुर : जहाँ लोग छोटी – मोटी सेवा कर सेवा करके इतिश्री कर लेते है, वहीँ कपड़ा मार्केट में एक शोरूम के मालिक पद्म गौमाता को देते है एक महत्वपूर्ण सम्मान, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक गाय और इंसान के बीच का अटूट रिश्ता खूब मशहूर हो रहा है। हर कोई इसे अपनी आंखों से देखने के लिए पहुंच रहा है। ये कहानी है पद्म डाकलिया और चंद्रमणि की।
रायपुर के पंडरी कपड़ा मार्केट में एक शोरूम के मालिक पद्म के यहां रोजाना एक गाय आती है। जिसे ये प्यार से चंद्रमणि कहकर पुकारते हैं। ये गाय खुद ही शोरूम का दरवाजा खोलती है और बड़े ही आराम से अंदर आती है। दुकान मालिक को एक नजर ढूंढती है। फिर खुद ही गद्दे के ऊपर चढ़कर बैठ जाती हैं।
7 सालों से ग्राहकों के साथ गाय को भी मिलता है सम्मान :
दुकान के मालिक पद्म डाकलिया ने बताया कि इस सिलसिले की शुरुआत 2016 के आसपास शुरू हुई थी। धनतेरस के दिन चंद्रमणि सीधे दुकान के अंदर जाकर घुस गई। कर्मचारी उसे भगाने लगे तो मैं इसे ईश्वर का शुभ संकेत मानते हुए ऐसा करने से मना किया। फिर उसे प्रसाद खिलाया। तब से लेकर अब तक वो रोज दोपहर दुकान के अंदर आकर बैठती है। इससे मन को काफी सुकून भी मिलता है, कि माता की सेवा का अवसर बैठे – बैठे ही मिल रहा है।
कभी-कभी कपड़े खरीदने आए ग्राहक जब ये नजारा देखतें है तो उन्हें आश्चर्य होता है। लेकिन व्यापारी समेत दुकान का पूरा स्टाफ कस्टमर के साथ गाय को भी बराबर सम्मान देता है। उन्हें सहलाते है…और वो बड़े ही आराम से गद्दे में घण्टों बैठे रहती है। कई ग्राहक गाय को इस तरह गद्दे में बैठे देखकर उसके साथ सेल्फी भी खिंचाते है।
एप्पल गाय के नाम से प्रसिद्ध :
इस गाय को पद्म डाकलिया बीतें कई सालों से रोज अपने हाथों से एप्पल (सेब) खिलाते हैं। जिसे देखकर आसपास के व्यापारी इसे एप्पल गाय के नाम से जानते हैं। वे भी इसे एप्पल खिलाते रहते है। उनका कहना है कि ये संबंध एक मां और बेटे के समान बना हुआ है। वो उन्हें रोज आकर पास बैठकर आशिर्वाद देती है।
प्रधानमंत्री मोदी तक को गौमूत्र और गौ प्रोडक्ट भिजवा चुके है :
व्यापारी पद्म ने बताया की खैरागढ़ में उनका मनोहर गौशाला नाम का एक ट्रस्ट भी है। जो गायों की सेवा करता है। यहां से बीते सालों में छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गौ से जुड़े प्रोडक्ट भेजे गए हैं। यहां गायों के लिए मेडिकल फैसिलिटी की व्यवस्था है। गौशाला में जरूरत की सभी सुविधायें उपलब्ध है, गौशाला की पूरी देखभाल की जाती है।