रायपुर : ट्रेनों के रद्दीकरण के बारे में सुन-सुनकर लोग परेशान हो गये है, लेकिन जानना जरुरी है कि कहीं आपकी यात्रा की तैयारियां धरी की धरी ना रह जायें। इधर खबर के अनुसार तीसरी रेल लाईन तैयार करने के लिए एक तरफ रेलवे प्रशासन तेजी से काम करा रहा है, वहीं दूसरी तरफ हजारों यात्री अचानक से ट्रेनें रद्द होने से परेशान हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ से अमृतसर के बीच चलने वाली सबसे बड़ी ट्रेन छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के पहिए ब्लॉक के कारण बुधवार को थम गए, रायपुर से अमृतसर के यात्रियों के लिये यह एकमात्र ट्रेन है, वहीं गुरुवार को रायगढ़ से निजामुद्दीन के बीच चलने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस भी रद्द हो गई है।
ये दोनों ऐसी एक्सप्रेस ट्रेनें हैं, जिनमें आसानी से कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में दोनों तरफ से चार से पांच फेरों के रद्द होने से 12 हजार से अधिक यात्रियों का सफर प्रभावित हुआ है। अन्य ट्रेनों में यात्रियों को टिकट नहीं मिल रहा है। इसके चलते दोनों प्रमुख ट्रेनों के 7,000 से अधिक टिकट पिछले चार दिनों में रद्द हुए हैं।
तीन दिनों के भीतर रिफंड लेना अनिवार्य :
महीने-दो महीने पहले से कन्फर्म टिकट लेकर सफर करने का इंतजार कर रहे यात्रियों को अब रद्द टिकट का रिफंड लेने के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। काउंटर से रिजर्वेशन टिकट लेने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है, क्योंकि ट्रेन कैंसिलेशन के तीन दिनों के अंदर उन्हें रिफंड लेना रेलवे ने अनिवार्य कर रखा है। वे स्टेशन के काउंटर पर रिफंड लेने के लिए कतार में खड़े होने को विवश है। नहीं तो उनका पैसा डूब जाता है।
ई-टिकट लेने वाले यात्रियों का रिफंड तो एक सप्ताह के अंदर उनके बैंक खाते में रेलवे वापस लौटा देता है, लेकिन काउंटर से रिजर्वेशन टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन कैंसिलेशन के तीन दिनों के अंदर रिफंड लेने की अनिवार्यता के कारण काउंटर में पहुंचना पड़ रहा है। यहाँ टिकट कटवाने के लिये भी लगभग चार घंटे की लाईन लगती है।
एक्सप्रेस ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में 14 दिसंबर तक रद्द :
स्टेशन के मुख्य रिजर्वेशन काउंटर के कर्मचारियों ने बताया कि रिजर्वेशन टिकट कम बन रहे हैं। इसके पीछे वजह यह है कि छत्तीसगढ़, गोंडवाना एक्सप्रेस के अलावा राजनांदगांव रेलवे लाइन से होकर आने-जाने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में 14 दिसंबर तक रद्द हैं।
रायपुर के बाद दुर्ग, बिलासपुर के अधिक यात्री :
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर के बाद बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग जिले से सबसे अधिक यात्री छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सफर करते हैं। दो दिन पहले बुधवार को जब छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस भोपाल रेलवे मंडल के बुदनी-बरखेड़ा स्टेशनों के बीच नान इंटरलाकिंग के लिए ब्लॉक के चलते नहीं चली तो यात्री दिनभर परेशान रहे।
अपने साधन, बस से जाने को विवश :
छत्तीसगढ़, गोंडवाना एक्सप्रेस के 10 फेरे रद्द होने से यात्री बस या अपने साधन से जाने को विवश हैं। छह व सात दिसंबर को निजामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस व आठ दिसंबर को रायगढ़-निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस रद रही। यह नौ दिसंबर को भी रद्द रहेगी। छह, सात और आठ दिसंबर को कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और अमृतसर-कोरबा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस शुक्रवार को नहीं चली। नौ और 10 दिसंबर को भी यह रद्द रहेगी। वहीँ दूसरी ओर महंगी ट्रेनें जैसे राजधानी. हमसफ़र, तेजस और वन्दे भारत ना कभी रद्द होती है और ना ही कभी कैंसिल, ना ही ये ट्रेनें लेट होती है।