बढ़ते कदम ने फिर कराया देहदान, आज तक संस्था ने इतने करवा चुके है देहदान।

रायपुर : मेडिकल छात्रों को पढ़ाई के लिये मृत देह काफी महत्वपूर्ण होती है, पहले लोग देहदान नहीं करते थे, उस समय लावारिस देह को लेकर पढ़ाई करवाई जाती थी। काफी लम्बे समय तक मेडिकल की पढ़ाई एकमात्र देह के जरिये चलती रही। फिर समाज सेवी संस्थाओं ने इस का जिम्मा उठाया और लोगों से अपील की कि मौत के बाद भी किसी के काम आये, देहदान करायें। इसी उद्देश्य को लेकर बढ़ते कदम लगातार देहदान करवा रहा है।

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तेलीबांधा गली न.1 निवासी महात्मा श्री नानक राम निरंकारी जी का गत 26 जनवरी को निधन हो गया था, मानव सेवा के हित में उन्होंने देहदान का संकल्प लिया था, परिवार के सदस्यों ने उनके इस निर्णय का सम्मान करते हुए संस्था बढ़ते कदम से संपर्क किया। संस्था ने श्री नानकराम निरंकारी का पार्थिव शरीर श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नया रायपुर को सैकड़ों बच्चों के अध्ययन एवं शोध के लिए सौंपा।

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चिकित्सा क्षेत्र में सहायता हेतु एक वर्ष पूर्व अशोका रत्न, खमहारडीह निवासी श्रीमती शांति देवी खटवानी जी ने बढ़ते कदम के माध्यम से अपने देहदान की घोषणा की थी, कल 27 जनवरी को उनका दुखद निधन हो गया था, मानव सेवा के हित में परिवार के सदस्यों ने उनके इस निर्णय का सम्मान किया, एवं शरीरदान का निर्णय लिया। उनका पार्थिव शरीर आज श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नया रायपुर सौंपा गया।

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बढ़ते कदम संस्था ब्रह्मलीन महात्मा नानकराम निरंकारी जी एवं माताजी श्रीमती शांतिदेवी खटवानी जी को शत् शत् नमन करती है और परिवार को दुख की इस घड़ी में सांत्वना प्रदान करते हुए परिवार को मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में योगदान हेतु साधुवाद प्रदान करती है। परिवार ने देहदान कर समाज को मानवता एक संदेश भी दिया है। देहदान योजना प्रभारी राजू झामनानी एवं अजय जयसिंघानी नें बताया कि संस्था द्वारा आज तक 186 देहदान एवं 718 नेत्रदान करवाए जा चुके हैं।

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