रायपुर : तेलीबांधा निवासी नीरज कामरानी ने सूदखोरों से तंग आकर आत्म हत्या कर ली थी, यह मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है, यहाँ एक बार फिर से सूदखोरों से परेशान युवक ने मौत को गले लगा लिया। उसका कमरे में पंखे में लटका मिला था। वहीं पर से एक सुसाइड नोट भी पुलिस ने बरामद किया था। मामले में पुलिस ने सुसाइडल नोट के आधार पर दो महिलाओं से पूछताछ की थी। उन सूदखोर महिलाओं का नाम कमला आंटी-बजाज आंटी बताया जा रहा था।
इसी मामले में ब्याज वसूली से तंग आकर युवक द्वारा खुदकुशी करने के मामले में तेलीबांधा पुलिस ने सूदखोर महिलाओं के खिलाफ अब अपराध दर्ज कर लिया है। 9 जनवरी को सुयोग विहार निवासी 21 वर्षीय नीरज कामरानी ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मौके पर उसने सुसाइड नोट छोड़ा था। इसमें उसने सविता बजाज और कमला लच्छेदानी नाम की दो महिलाओं का नाम लिखा हुआ था। सुसाइड नोट में उसने इन महिलाओं द्वारा कर्ज की राशि और ब्याज मांगने से परेशान होकर खुदकुशी करना बताया था। तेलीबांधा पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। घटना के 27 दिन बाद पुलिस ने रविवार को ब्याज में पैसा देने वाली सविता और कमला लच्छेदानी के खिलाफ धारा 306, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में शुरू से रसूखदार महिलाओं पर पुलिस कार्यवाही को लेकर उँगलियाँ उठ रही थी।
डेढ़ लाख पर 15 साल से वसूल रहे थे ब्याज :
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जानकारी मिली है कि नीरज की मां और उनके परिवार ने आरोपी महिलाओं से करीब डेढ़ लाख रुपए कर्ज लिया था। इसका ब्याज वो लोग 15 साल से वसूल रहे थे। पीड़ित परिवार ने मूलधन से ज्यादा रकम दे दिया था, लेकिन ब्याज खत्म नहीं हुआ। आरोपी महिलाएं 10 से 20 फीसदी तक ब्याज लेती थी और चक्रवृद्धि ब्याज लेते थे। इससे परिवार हमेशा कर्ज में डूबे रहा। कुछ दिन पहले कर्ज और ब्याज की वसूली के लिए आरोपी महिलाओं ने नीरज को तंग करना शुरू कर दिया था। ब्याज का 30 हजार रुपए देने के लिए घटना से पहले नीरज अपनी दोपहिया को गिरवी रखने गया था, लेकिन किसी ने दोपहिया गिरवी नहीं रखा था।
इससे परेशान होकर नीरज ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में नीरज ने लिखा था कि – मेरे घर वालों को परेशान मत करना, बजाज आंटी और कमला आंटी उनको अपना जीवन जीने दो प्लीज। आज फांसी लगा रहा हूं, बजाज आंटी और कमला आंटी आप दोनों से परेशान हूं। कृपया मेरे घर वालों को परेशान मत करना। आज मर रहा हूं, तो सिर्फ कर्ज के कारण मर रहा हूं। घरवाले नीरज की आत्महत्या से अब भी सकते में है। परिजनों ने आरोपी महिलाओं द्वारा गुंडे भेजकर मारने-पीटने की भी धमकी देने का आरोप लगाया था। आरोपी महिलाओं ने धनराज से कोरे स्टॉम्प में हस्ताक्षर भी करवा कर रख लिया था।
70 से ज्यादा कॉल मिले एक माह में :
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आरोपी महिलाएं नीरज और उसकी मां पर रकम वसूली के लिए निरंतर दबाव बनाकर रखे हुये थी। वो रोज कॉल करते थे। एक-एक माह में 70 से ज्यादा कॉल करने का खुलासा हुआ है। कॉल डिटेल निकालकर दो दिन पहले मृतक के परिजन एसपी कार्यालय पहुंचे थे। वहां से एएसपी लखन पटले से मामले की शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने विधिक अधिकारी से मामले में अभिमत लिया। इसके बाद आरोपी महिलाओं पर एफआईआर किया गया है। जबकि इतने दिनों तक इस गंभीर मामले में अभी तक पुलिस द्वारा FIR दर्ज नहीं की गई थी।
कई अन्य लोग भी हैं परेशान :
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मृतक के परिजनों के मुताबिक दोनों महिलाओं ने कई लोगों को कर्ज के जाल में फंसा रखा है। अधिक ब्याज के चक्कर में लोगों को अपना घर तक बेचना पड़ रहा है। मृतक के एक और महिला रिश्तेदार को भी इसी तरह फंसाया था। महिला को अपना घर तक बेचना पड़ा है। कुछ दिन पहले उससे भी आरोपी महिला ने कर्ज चुकाने के लिए लिखित में लिया है। अन्यथा उसके बेटों और परिवार के अन्य लोगों को धमकाने की चेतावनी दी जा रही थी। वह पीड़ित भी इनसे लगातार परेशान चल रहे है।
राजधानी में सूदखोरों का बेखौफ धंधा :
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राजधानी में सूदखोरों का धंधा बेखौफ चल रहा है, ये बदमाशों के जरिये वसूली करते है। सूदखोरों के लाइसेंस की जांच नहीं की जाती है। नियमतः 2 फीसदी ब्याज लिया जा सकता है, लेकिन सूदखोर 10 से 20 फीसदी तक वसूल रहे हैं। वसूली के लिए उन्होंने गुंडे-बदमाश भी लगा रखे हैं, जो वसूली करते है।
टॉपिक एक्सपर्ट :
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार संज्ञेय अपराध में पुलिस शिकायत मिलते ही एफआईआर दर्ज कर सकती है, भले ही आरोपी की गिरफ्तारी ना करे। इस मामले में भी पुलिस सुसाइड नोट होने के कारण पुलिस आरोपियों के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज कर सकती थी। इतनी देरी की जरूरत नहीं थी। – मुकेश विरानी, एडवोकेट, रायपुर
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