अशोका बिरयानी पर हत्या का भी केस दर्ज, कर्मचारियों की मौत के मामले में परिजनों को 30 लाख के साथ हर महीने 15 हजार देंगे।

रायपुर : अशोका बिरयानी दोहरी मुसीबत में फंस चुका है। लभांडी में संचालित अशोका बिरयानी सेंटर में गटर साफ करने के दौरान दो कर्मचारियों के मौत के मामले में परिजनों को 30 लाख रुपए मुआवजा के साथ जीवनभर 15-15 हजार रुपए प्रतिमाह देगा। वहीँ पत्रकारों से मारपीट के मामले में उसके 6 कर्मचारी जेल की हवा खा रहे है, कल उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था।

मामले को दबाने के चक्कर अशोका बिरयानी मुसीबत दुगुनी हो गई, वहीँ घटना के दूसरे दिन देर रात तक जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने होटल के दरवाजे पर दोनों लाशें रखकर नारेबाजी की। वहीं रात करीब नौ बजे विधायक मोतीलाल साहू भी धरने पर बैठ गए। विरोध के बाद देर रात तेलीबांधा पुलिस ने अशोका बिरयानी सेंटर प्रबंधन पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। दूसरी तरफ पत्रकारों से मारपीट ने भी अशोका बिरयानी के लिये मुसीबत बढ़ाने वाला काम किया है।

पुलिस द्वारा एमडी केके तिवारी, सीईओ सनाया तिवारी, जीएम रोहित चंद, ब्रांच मैनेजर रोमिना मंडल पर धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया है। जीएम रोहित चंद व बीएम रोमिना मंडल पत्रकारों से मारपीट के मामले में पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं प्रदर्शन कर रहे परिजनों से मिलने देर रात गृह मंत्री विजय शर्मा अशोका बिरयानी सेंटर पहुंचे। उन्होंने कड़ी कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

उल्लेखनीय है कि इलेक्ट्रीशियन नीलकमल कुमार पटेल और डेविड साहू की गटर साफ करने के दौरान गुरुवार को मौत हो गई थी। मौत का कारण जहरीली गैस बताया गया है। बिरयानी सेंटर प्रबंधन ने परिजनों को सही जानकारी नहीं दी थी, लगातार वे परिजनों से झूठ बोलते रहे। इस पर शुक्रवार को क्रांति सेना और साहू समाज दोपहर 12 बजे से धरने पर बैठ गए।

मांगा एक करोड़ का मुआवजा :

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दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग के साथ ही परिजनों ने एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की। आरोप है कि प्रबंधन ने दोनों पर दबाव बनाया था, इसलिए मजबूर होकर उतरे और उनकी जान चली गई। मृतक के परिजन शवों को सुरक्षित रखने के लिए अपने साथ फ्रीजर भी साथ लाए थे। खबर है कि उन्होंने सारी रात धरना दिया है, वहीँ प्रबंधन पर सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने का भी आरोप लगाया गया है।

हादसे के बाद अशोका बिरयानी की सभी ब्रांच को तीन दिनों के लिए सील कर दिया गया है। स्टेशन रोड, पचपेड़ी नाका, लाभांडी महोबा बाजार और रायपुरा वाली ब्रांच पर प्रशासन ने कार्यवाही की है। साथ ही नोटिस देकर प्रबंधन से तीन दिनों में जवाब मांगा है। कलेक्टर डा. गौरव सिंह ने कहा कि जांच में पाया गया कि कई ब्रांचों के गुमास्ता लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी है। कुछ जगहों पर साफ-सफाई संबंधी समस्याओं के कारण इन्हें सील कर दिया गया है। मामले के सामने आने के बाद अशोका बिरयानी पर चौतरफा कार्यवाही की मुसीबत खड़ी हो गई है।

तीन दिन के लिए अशोका बिरयानी की सभी ब्रांच सील :

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एक्सीडेंट की दी गई सूचना मृतक डेविड साहू की बहन खुशी साहू ने बताया कि घटना के बाद अशोका बिरयानी वालों की ओर से फोन कर कहा कि गया कि आपके भाई का एक्सीडेंट हो गया है। इसके कुछ देर बाद बताया, झूठ बोला कि आपके भाई का पैर फिसल गया है, वह गटर में गिर गया है। वे लगातार घुमाते रहे। खुशी ने आगे कहा कि घटना का वीडियो सामने आया है। जब दोनों को बाहर निकाला गया तब तक एक की मौत हो चुकी थी। जबकि दूसरा बेहोशी की हालत में था। होटल वाले 20 मिनट तक उसे इधर से उधर करते रह गए। उसका इलाज नहीं करवाया। प्रबंधन की लापरवाही ने भाई की जान ले ली है। प्रबंधन इसमें मुख्यतौर पर जिम्मेदार है।

मजबूर करके गटर में उतारा गया :

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मृतक नीलकमल कुमार पटेल (30) जांजगीर चांपा निवासी के भाई दिनेश पटेल ने बताया कि नीलकमल अशोका बिरयानी सेंटर में इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। बावजूद उसे जबर गटर में उतारा गया। घटना के बाद होटल प्रबंधन ने उसे लगातार गुमराह करते हुए मौत की अलग-अलग वजह बताई। नील का डेढ़ साल का बच्चा भी है। अब प्रबंधन इस मामले को ठंडे बस्ते में डालना चाहता है। जबकि सीसीटीवी फूटेज मिटने और पत्रकारों से मारपीट के कारण अब यह मामला बड़ा हो गया है।

अन्य मामले भी है दर्ज, रितु ने पिटाई और फर्जी दस्तावेज से कब्जे का लगाया आरोप :

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अशोका बिरयानी के संचालक कृष्णकांत तिवारी पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने के मामले में डीडीनगर थाने में अपराध दर्ज है। मुंबई निवासी रितु शर्मा की शिकायत के अनुसार अपने दादा के नाम पर जमीन खरीदी थी। उसके फर्जी दस्तावेज कर रजिस्ट्री कराने को लेकर तीन वर्ष पूर्व रिपोर्ट दर्ज कराई है। रितु ने पत्रकारवार्ता में बताया कि बिलासपुर हाई कोर्ट ने कृष्णकांत की जमानत खारिज कर दी है, इसके बाद भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। रितु ने कृष्णकांत द्वारा गुंडों से पिटाई कराने का भी आरोप लगाया है।

आरोपी कोर्ट में पेश दो युवकों की मौत के बाद कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार कर्मचारी रोमिना मंडल, नेहा मोडेकर उर्फ भूरी, लोकेश्वरी विश्वकर्मा, आकाश मानिकपुरी, मनीष मिश्रा और रोहित चंद्रा को पुलिस ने एसडीएम कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। अभी इस मामले में कार्यवाही जारी है। बाकी पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट हो पायेगा।