बांसवाड़ा (राजस्थान) : चुनावी रैलियों में कोई भी बयान किसी के भी गले की फांस बन जाता है, और विरोधी बस मौके की तलाश में रहते है। इधर देश में लोकसभा चुनाव जिस गति से आगे बढ़ रहा है, वहीँ नेताओं के बीच जुबानी जंग भी बढ़ती ही जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 21 अप्रैल को राजस्थान की एक रैली में कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो देश की संपत्ति उन लोगों को बांट देगी जिनके ज्यादा बच्चे हैं। इसके बाद पीएम मोदी कांग्रेस नेताओं के निशाने पर हैं। इस बयान में प्रधानमंत्री ने क्या कहा और बवाल क्यूँ मचा ये आगे बताएँगे।
1% लोग आज देश का 40% धन खा गए: ओवैसी
पीएम मोदी के बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया है। बयान को लेकर उन्होंने कहा कि मोदी ने मुसलमानों को घुसपैठिए बताया है और कहा है कि उनके ज़्यादा बच्चे होते हैं। 2002 से लेकर अब तक मोदी की बस एक ही गारंटी रही है। भारत के मुसलमानों को गालियां दो और वोट बटोरो। अगर बात मुल्क की संपत्ति की हो रही है तो मोदी सरकार में देश के धन पर पहला हक उनके अरबपति दोस्तों का रहा है। भारत के 1% लोग आज देश का 40% धन खा गए। आम हिंदुओं को मुसलमानों का डर दिखाया जा रहा है, पर सच तो यही है कि आपके पैसों से कोई और अमीर हो रहा है। असासुद्दीन ओवैसी ने अपन यह बयान ट्विटर (X) पर साझा किया है।
एक तरफ राम मंदिर का उद्घाटन, दूसरी तरफ नफरत :
वहीँ इस बयान को लेकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी पीएम मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक तरफ पीएम मोदी राम मंदिर का उद्घाटन करते हैं तो दूसरी तरफ नफरत फैलाते हैं। ऐसा लग रहा है कि पहले चरण का चुनाव उनके पक्ष में नहीं रहा है। नफरत के घोड़े का दूल्हा बन कर आप कभी हिंदुस्तान को बरकरार नहीं रख सकते। हम प्रधानमंत्री पद और उस पद पर आसीन व्यक्ति का सम्मान करते हैं। लेकिन जब प्रधानमंत्री सम्मान के लायक नहीं है तो देश को आवाज उठानी चाहिए। मोहन भागवत इस मामले पर चुप क्यों हैं?
भाजपा ने मनमोहन सिंह की क्लिप के साथ किया पलटवार :
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कांग्रेस ने दावा किया कि प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे हैं और हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विभाजन पैदा कर रहे हैं। वहीं भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की 2006 की एक क्लिप के साथ पलटवार किया है। जिसमें मनमोहन सिंह को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि देश के संसाधनों पर पहला दावा मुसलमानों का है। इस रैली से पहले हुई एक अन्य सभा में पीएम मोदी ने कांग्रेस को ‘अर्बन नक्सली’ पार्टी कहा था। उसको लेकर भी अभी तक बवाल थमा नहीं है।
जानिए पीएम मोदी ने क्या कहा था? :
पीएम मोदी ने बांसवाड़ा की रैली में कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में कहा गया है कि वे माताओं और बहनों के साथ सोने का हिसाब करेंगे। हरेक की प्रॉपर्टी का सर्वे किया जायेगा। हमारी बहनों के पास कितना सोना है, इसकी जांच की जायेगी। चांदी का हिसाब लगाया जायेएगा। सोना सिर्फ दिखाने के लिए नहीं है, यह एक महिला का स्वाभिमान है। मंगलसूत्र का मूल्य सिर्फ सोने की कीमत तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सपनों से जुड़ा हुआ है।
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इससे पहले, जब उनकी (कांग्रेस) सरकार सत्ता में थी, उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। इसका मतलब है कि यह संपत्ति किसे वितरित की जायेगी? यह उन लोगों के बीच वितरित की जाएगी जिनके अधिक बच्चे हैं। यह घुसपैठियों को वितरित किया जायेगा। क्या आपकी मेहनत की कमाई घुसपैठियों के पास जानी चाहिए? क्या आपको यह मंजूर है? प्रधान मंत्री ने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो सोना और मेहनत की कमाई छीनकर अवैध अप्रवासियों में बांट देगी और लोगों से पूछा कि क्या यह कार्य उन्हें स्वीकार्य है।
आमतौर पर जब हमने इस विडियो की तहकीकात कर समझने का प्रयास किया तो यह मामला बिलकुल ऐसा ही निकला जैसे कांकेर की सभा में मोदी ने कहा था, कि सबके खाते में मुफत में 15-15 लाख आ जायें, इतना काला धन इन कांग्रेसियों के पास है, बस ऐसे ही मनमोहन सिंह ने अल्पसंख्यक शब्द का प्रयोग किया है, ना कि मुस्लिम। मनमोहन सिंह के विडियो पर बवाल मचने का मुख्य कारण मुसलमानों को ही विगत कई वर्षों से अल्पसंख्यक कहा गया है, जबकि अन्य कई जातियां अथवा वर्ग भी है, जो अल्पसंख्यक है।



