चुनावी समर में कांग्रेस की बढ़ती मुश्किलें, कांग्रेस नेता नवाज खान 74 लाख और 13 लाख के दो घोटालों में फंसे।

राजनांदगांव : लोकसभा का प्रथम चरण पूरा हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश राजनांदगांव से अपने चुनाव का बिगुल फूंक चुके है, इसके बाद वो लगातार मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे है, कभी शराब घोटाला तो कभी सौम्या चौरसिया को लेकर, वहीँ अब उनके करीबी माने जाने वाले कांग्रेस नेता नवाज खान को लेकर भी बवाल मच गया है, उन पर कांग्रेस शासन काल में केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर पदस्थ रहते हुये उनके खिलाफ सोमवार को वर्तमान सहकारी बैंक के अध्यक्ष सचिन बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन पर फर्जी तरीके से बैंक में नियुक्तियों का आरोप लगाया है। साथ ही उन पर 74 लाख रुपए की गड़बड़ी का आरोप भी लगाया है।

राजनंदगांव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में कांग्रेस शासन काल के दौरान जुलाई वर्ष 2021 में नवाज खान को शासन द्वारा प्रशासक अध्यक्ष के रूप में पदस्थ किया गया था। इसी मामले में एक कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा और वर्तमान सहकारी बैंक के अध्यक्ष सचिन सिंह बघेल ने कहा कि, नवाज खान ने अपनी नियुक्ति के बाद ही एक शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया था। अध्यक्ष की नियुक्ति में शपथ ग्रहण का कार्यक्रम नहीं होता है।

फिर भी इस आयोजन पर उन्होंने सहकारी बैंक के 3 लाख रूपये खर्च कर दिए। वहीं अपने साले को दैनिक वेतन भोगी के कर्मचारी के रूप में बैंक में नियम विरूद्ध नौकरी लगा दी। उन्होंने इसके बाद बैंक में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की बड़ी पैमाने पर भर्ती करते हुए 55 कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी। यह नियुक्ति भी नियम को परे रखकर की गई थी। इन फर्जी नियुक्तियों में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को लगभग एक करोड़ रुपए का भुगतान बैंक की शाखा को नुकसान पहुंचा कर किया गया है। 

लाखों रुपये खुद के लिए किये खर्च :

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उन्होंने आगे कहा कि, भर्रेगांव में किसान सम्मेलन के नाम पर 13 लाख रुपए बैंक के खर्च कर दिए गए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि, कांग्रेस पार्टी के प्रचार- प्रसार के लिए ग्राम ठेकुआ में आयोजन कर मल्लिकार्जुन खड़गे का कार्यक्रम किया गया था। जिसमें लगभग 10 लख रुपए का खर्च बैंक के द्वारा कराया गया। वही तेलंगाना राज्य के किसानों को आमंत्रित करके कांग्रेस पार्टी का प्रचार-प्रसार करते हुए बैंक के संसाधनों का दुरुपयोग नवाज खान के द्वारा किया गया। इस पर भी 10 लाख रुपए की राशि को खर्च किया गया। सचिन बघेल ने कहा कि सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष ने कवर्धा क्षेत्र में सहकारी बैंक की तीन शाखों के खोलने में भी बैंक का लगभग 28 लाख रुपए खर्च कर दिया, जबकि इसके लिए बजट ही 25 लाख रूपये का है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में अमित शाह के नेतृत्व में एक सहकारिता की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें केवल अध्यक्ष को जाना था, लेकिन अध्यक्ष रहे नवाज खान ने अपने साथ 12 अन्य लोगों को हवाई यात्रा के माध्यम से दिल्ली ले गए, जिस पर भी 3 लाख का खर्च कर दिया गया। 

13 लाख रुपये का खाया खाना :

सहकारी बैंक के वर्तमान अध्यक्ष सचिन बघेल ने कहा कि बैंक के प्रशासक पद पर रहे नवाज खान स्वयं और अपने लोगों के खाने-पीने के लिए राजनांदगांव शहर के विभिन्न रेस्टोरेंट होटल लगभग 13 लाख रुपए खर्च कर दिए। इसमें 50 हजार रूपये की लस्सी और जूस पर, 70 हजार रूपये नॉनवेज खाने पर, 2 लाख रूपये  पिज़्ज़ा खाने पर बैंक की राशि का दुरुपयोग करते हुए खर्च किया गया है। जो नियमों के विपरीत है। सचिन बघेल ने आगे कहा कि, नवाज खान के द्वारा लगभग 73.90 लाख रुपए सहकारी बैंक को अनावश्यक रूप से नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया है। उपरोक्त आरोपों को लेकर भाजपा हमलावर हो गई है।

बिना टेंडर जारी किये बेच दी बोलेरो :

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इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि, यह रुपए बैंक में जमा करने वाले अमानतदारों की राशि है। वहीं उन्होंने बताया कि नवाज खान द्वारा बैंक में उपलब्ध वाहनों में से दो बोलेरो वाहन जो कि अच्छे कंडीशन में थी।  इसे भी बिना कोई निविदा के अपने रिश्तेदारों को बहुत ही कम कीमत में बेच दिया गया।  जबकि बैंक के अति आवश्यक कार्यों के लिए उन वाहनों का उपयोग किया जाता था। सचिन सिंह बघेल ने कहा कि, पूर्व अध्यक्ष नवाज खान के द्वारा किए गए इन अनियमिताओं को लेकर पूरी जांच करवाई जा रही है और इस मामले में उनके खिलाफ कार्यवाही और अनियमितताओं में खर्च किए गए रूपयों की वसूली भी होगी। नवाज खान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश के करीबी बताये गये है, जिसको लेकर यह आरोप भी लगाया गया है की पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश की शह पर ही यह काम हुआ है।