रिश्वत मांगने पर फंसा जोन का बाबू ध्रुव तिवारी, अधिकारी ने किया अटैच, कैमरा देखते ही घबरा गया।

रायपुर : अधिकतर सरकारी विभागों में बिना रिश्वतखोरी के काम होना मुश्किल है, ये बंद होना लगभग नामुमकिन ही है, क्यूंकि कहीं ना कहीं ये अपनी जेब गरम करने के लिये काम को लटकाते रहते है अथवा देरी करते है, तो मजबूरन आपको इनकी जेब गरम करनी ही पड़ेगी। अगर नहीं भी करेंगे तो काम होने के बाद ये आपसे चाय-पानी के नाम पर वसूली करने का प्रयास करेंगे। ऐसे एक मामले में जों का एक बाबू पत्रकार के हत्थे चढ़ गया। रायपुर नगर निगम के किसी भी जोन में अब बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं हो रहा है। हालत ये है कि रजिस्ट्री के बाद नगर निगम की टैक्स रसीद के लिए जब आप अपना नाम ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया कराएंगे तो अधिकारी इस काम के लिए आपसे 10 हजार रूपए की रिश्वत की मांग करेंगे। 

ऐसे ही मामले में एक बाबू फंस गया, नामांतरण के लिए दस हजार घूस मांगने के मामले में नगर निगम जोन 9 के तृतीय श्रेणी के लिपिक ध्रुव तिवारी को निगम मुयालय के सचिवालय में अटैच कर दिया गया है। निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने यह कार्यवाही की है। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराने के लिए समिति गठित करने और दोषी पाए जाने पर क्लर्क को निलंबित करने की चेतावनी दी है।

इस तरह बाबू चढ़ा हत्थे :

राम से बड़ा है राम का नाम , रोज सुने यह धुन , लिंक पर करें क्लिक : https://www.youtube.com/watch?v=TIkGGHYTb_Y

एक पीड़ित द्वारा पत्रकार से मदद ली गई , फिर मामले में पत्रकार ने मोबाईल से विडियो बनाते हुये 50 के नोटों की दो गड्डियां जों के बाबू ध्रुव तिवारी के हाथ में रख दी, जिसको उसने ले लिया और फिर जब उसका ध्यान कैमरे पर गया तो उसकी सिट्टी-पिट्टी गम हो गई। हम बात कर रहे है नगर निगम जोन क्रमांक 9 की, यहां के राजस्व स्टॉफ नाम ट्रांसफर के नाम पर 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। पीड़ित ने एक पत्रकार से मदद मांगी और तो उस पत्रकार ने उक्त राजस्व अधिकारी (एआरआई) की करतूत को रिश्वत देते हुए उजागर किया। लेकिन रिश्वत मांगने के बाद जब उसने अपनी करतूत कैमरे में कैद होती देखी तो उसने पैसे उछाकर वापस कर दिए और बाद में अपनी ईमानदारी का बखान किया।