सिलेंडर फटा, चाय बनाते समय झुलसी महिला, घर का सामान जलकर खाक। ऐसे बरतें सावधानी….।

बिलासपुर : गैस सिलेंडर का प्रयोग करते समय सावधानी बरतना जरुरी है, जब भी सिलेंडर लें उसकी एक्सपायरी तारीख जरुर देख लें। सिलेंडर लगाने के बाद उसके गैस लीक पर भी ध्यान दें। जरुरी लगने पर उसका वाईसर भी बदल दें। घटना बिलासपुर जिले की जहाँ गैस सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा हो गया है। भीषण गर्मी में चाय बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई, जिसके बाद अचानक सिलेंडर का पाइप फट गया और आग की तेज लपटें उठने लगी। इस हादसे में किचन का सामान जलकर खाक हो गया। वहीं, परिवार के लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। हो सकता है उस समय महिला ने लीक गैस पर ध्यान नहीं दिया होगा। देखते ही देखते आग पूरे घर में फैल गई। वहीँ तुरंत आगजनी की सूचना पर डायल 112 की टीम पहुंची और जैसे-तैसे आग पर काबू पाया। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के यदुनंदन नगर तिफरा क्षेत्र की है। 

मिली जानकारी के अनुसार, यदुनंदन नगर तिफरा क्षेत्र में एक महिला ने सुबह चाय बनाने के लिए गैस चालू किया था। इस दौरान सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। सिलेंडर की आग पूरे घर में फैल गई। तुरंत डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने जलते हुये सिलेंडर में गीला कपड़ा बांध कर और उस पर मिट्टी डाल कर आग को नियंत्रित किया। 

ऐसे बुझाएं सिलेंडर पर लगी आग :

उल्लेखनीय है कि, गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने के साथ ही आगजनी की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही है। अधिकतर घटनाएं रसोई में सिलेंडर फटने की सामने आ रही हैं। अगर सिलेंडर लीक होता है, तो किसी ज्वलनशील कपड़े या चीज के जलती गैस के संपर्क में आने से या किसी तरह की लापरवाही से भी आग लग सकती है। ऐसी घटनाओं से घबराना नहीं चाहिए क्योंकि, सिलेंडर अचानक से नहीं फटता है। जैसे ही आग सिलेंडर के संपर्क में आती है कोई भी सूती चादर, कंबल या बड़ी टॉवल को पानी में भिगोकर तुरंत सिलेंडर पर लपेट दें, इससे आग बुझ जाएगी। अगर घर में आग बुझाने का कोई इक्विपमेंट हो तो उससे भी आग बुझाई जा सकती है। सिलेंडर में आग लगने पर घबरायें नहीं बल्कि सावधानी से उसकी आग बुझाने का प्रयास करें।

गैस सिलेंडर में भरी होती है ये गैसें :

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किचन में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर में लिक्वेफ़ाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) भरी होती है। इसे कुकिंग गैस या कनस्तर गैस भी कहते हैं। घरेलू गैस सिलेंडर में 95% प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का मिश्रण होता है और 5% में अन्य गैसें होती हैं। LPG रंगहीन और गंधहीन होती है, इसमें किसी प्रकार की गंध नहीं आती है, इसलिए रिसाव का पता लगाने के लिए इसमें सल्फ़र यौगिक ‘मिथाइल मर्कैप्टन’ मिलाया जाता है, जिसकी गंध से पता चल जाता है कि गैस लीक हो गई है।