सिन्धी समाज की बैठक में बवाल, नौबत हाथापाई तक, बुलानी पड़ गई पुलिस।

जयपुर (राजस्थान) : लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर जयपुर सिन्धी पंचायत में विवाद हो रहा है, यह विवाद काफी लम्बा है और विवाद में कई बार एक – दूसरे से धमकी चमकी भी की गई है, जिसके कारण मारपीट तक की नौबत सामने आ चुकी है, जिसको लेकर पुलिस को भी बीच – बचाव करने उतरना पड़ा। खबर है कि पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत जयपुर महानगर के चुनाव कराने को लेकर सिंधी समाज के अलग-अलग संगठनों की ओर से मांग उठाई जा रही है। इस संबंध में रविवार को प्रताप नगर स्थित सिंधु सागर भवन में बैठक हुई। बैठक शुरू होने से पहले ही विवाद हो गया, विवाद काफी बढ़ गया, सदस्यों द्वारा सोशल मीडिया में एक दूसरे को धमकी चमकी भी की गई और एडमिन द्वारा सन्देश भी मिटाने की खबर मिली, अब यह मामला मीडिया में भी उछलकर समाज का नाम ख़राब कर रहा है। बैठक के बीच हुए विवाद में पुलिस प्रशासन को समझाइश करके मामला शांत करवाना पड़ा। साथ ही पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। इससे पहले पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत जयपुर महानगर के अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रप्रकाश खेतानी का सिंधु भवन के बाहर विरोध भी हुआ।

पूरे घटनाक्रम पर चंद्रप्रकाश खेतानी का कहना है कि संविधान संशोधन पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई थी, विभिन्न सिंधी पंचायतों के पदाधिकारियों ने जबरन घुसकर व्यवधान उत्पन्न किया गया। इस संबंध में निंदा प्रस्ताव पारित करने के साथ ही चुनाव संपन्न करवाने के लिए चुनाव समिति की घोषणा की है। संस्था के पदाधिकारियों के साथ हाथापाई कर अभद्र भाषा बोलने के साथ ही रजिस्टर भी फाड़ दिया। बिना आमंत्रित भी पदाधिकारी आए। खेतानी ने कहा कि जल्द लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनाव होंगे। इस मामले पर काफी बहस और विवाद हो चुके है।

मामले को न भटकाएं, समय से हों चुनाव :

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इस पूरे मामले में दूसरे पक्ष सिंधी एकता मंच महानगर जयपुर के पदाधिकारियों का कहना है कि 18 महीने से चुनाव लंबित हैं। प्रताप नगर में हुई बैठक में शामिल होने से कई लोगों को रोका गया है, यह काफी गलत हुआ है। गर्मी में बुजुर्ग पदाधिकारियों को परेशानी हुई है। सभी के साथ गलत व्यवहार किया गया, जिसमें बुजुर्ग भी शामिल है। सभी के विरोध के बाद यह बैठक हुई है। चंद्रप्रकाश खेतानी के आरोप बेबुनियाद है। समाज के चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो ताकि समाज का विकास हो सके। निजी गार्ड बुलाकर डराने की कोशिश की गई है। सिंधु भवन का लेखा-जोखा सार्वजनिक हो। कुल मिलाकर इस मामले में सर फुटोव्वल से लेकर हाथापाई और डराने धमकाने तक मामला पहुंच गया है।