मुंबई (महाराष्ट्र) : फिल्म ‘तीसरी बेगम’ के क्लाइमेक्स सीन से ’जय श्री राम’ का नारा हटाने पर निर्माताओं के सहमति जताने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म रिलीज करने की इजाजत दे दी है। सेंसर बोर्ड ने इस सीन पर आपत्ति जताते हुए हटाने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ निर्माताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। फिल्म निर्माता के सी बोकाडिया बताते हैं कि उन्हें फिल्म रिलीज से पहले 14 कट्स लगाने को कहे गए और उन्हें दुख इस बात का है कि इन कट्स में एक जगह ‘जय श्री राम’ हटाने को भी कहा गया है। बोकाडिया बोले – “भगवान राम हमारी आस्था के केंद्रबिंदु हैं और फिल्म में ये बात एक ऐसा किरदार कह रहा है जो खुद पर हमलावर हुए शख्स की शरण में है।”
फिल्म ‘तीसरी बेगम’ के निर्माताओं द्वारा फिल्म के क्लाइमेक्स सीन से ‘जय श्री राम’ का नारा हटाने पर सहमति जताने के बाद फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। फिल्म निर्माता ने कहा यह महत्वपूर्ण दृश्य था, बीते 40 सालों में 60 फ़िल्में बनाई कभी किसी भी फिल्म में सेंसर बोर्ड ने परेशान नहीं किया, लेकिन वर्तमान में इस तरह की फ़िल्में बनाने वालों को सेंसर बोर्ड और कोर्ट के आगे मजबूर होना पड़ रहा है।
वहीँ इस फिल्म के निर्माताओं ने फिल्म के एक सीन से ‘जय श्री राम’ का नारा हटाने के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के सुझाव पर सहमति जताई, जिसमें मुख्य किरदार मुस्लिम व्यक्ति है, जो अपनी हिंदू पत्नियों द्वारा हमला किए जाने पर ‘जय श्री राम’ का नारा लगाता है।
सावन में महत्वपूर्ण महामृत्युंजय मन्त्र, इसकी उत्पत्ति की कथा और महत्व के साथ , पूर्ण सुनना आवश्यक है : https://www.youtube.com/watch?v=L0RW9wbV1fA
CBFC ने अपने वकील अद्वैत सेठना के माध्यम से अन्य बातों के अलावा इस विशेष सीन पर आपत्ति जताई थी। बोर्ड ने फिल्म निर्माताओं को उक्त विवादास्पद सीन हटाने का आदेश दिया और संकेत दिया कि वह फिल्म को ‘केवल वयस्कों के लिए’ प्रमाणपत्र जारी करेगा। हालांकि, फिल्म के निर्माता केसी बोकाडिया ने एकल जज जस्टिस रियाज छागला के समक्ष “जय श्री राम” को हटाने के “निर्देश” सहित 14 कटों को चुनौती देते हुए अपनी याचिका में उक्त निर्णय को चुनौती दी थी। जज ने सोमवार को दलीलें सुनीं और बोकाडिया को CBFC की सिफारिशों का पालन करने का सुझाव दिया। अंत में CBFC के सुझाव पर यह सहमति हुई कि नारे की जगह मुख्य पात्र “तुमको तुम्हारे भगवान की कसम” कहेगा।
इसके अलावा, अन्य दृश्य, जिसमें ट्रिपल तलाक का विशिष्ट संदर्भ दिया गया, पर CBFC ने इस आधार पर आपत्ति जताई कि यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है। इस दृश्य के लिए निर्माताओं ने CBFC के सुझाव पर सहमति व्यक्त की है, फिल्म को रिलीज करने के लिए उक्त प्रभाव का अस्वीकरण लगाने के लिए यू/ए प्रमाणन के संबंध में सेठना ने पुष्टि की कि एक बार जब वे उक्त प्रमाणन के लिए आवेदन करेंगे तो कानून के अनुसार इस पर विचार किया जाएगा और निर्णय लिया जाएगा।
फिल्म निर्माता के सी बोकाड़िया को आखिर झुकना पड़ा :
महामृत्युंजय मन्त्र का 108 बार जप करें और अपने भाग्य का उदय करें , रोज सुबह जरुर सुनें , लिंक पर क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=wHhFeD-PXdc&t=65s
फिल्म निर्माता ने रामचरित मानस के सुंदरकांड में से भगवान राम के उस कथन का उदाहरण दिया जिसमें वो विभिषण के शरण में आने पर कहते हैं- “शरणागत कहुं जे तजहिं निज अनहित अनुमानि। ते नर पांवर पाप सम तिन्हहिं बिलोकत हानि।।”
बोकाडिया ने कहा, “यदि कोई हमलावर किसी की जान लेने पर आमादा है और अपनी जान बचाने के लिए वह शख्स प्रभु श्रीराम के नाम का उच्चारण ले रहा हो तो उसे ‘जय श्री राम’ कहने से भारत में तो शायद ही कोई रोकना चाहेगा।”
उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म तीसरी बेगम भी ऐसी ही है जिसमें एक शख्स अपनी पहचान छिपाकर तीसरी शादी करता है और बाद में गलती मानता दिखता है। वह बताते हैं कि वो शख्स जान बचाने के लिए प्रभु श्रीराम का नाम लेता दिखता है ऐसे में वो ये नाम क्यों हटाएँ। उन्होंने कहा है- “मैं मर जाऊँगा लेकिन मैं अपनी फिल्म से किसी कीमत पर जय श्री राम नहीं हटाऊँगा।” उन्होंने अपनी बात को सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी तक पहुँचा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले 40 साल में 60 फिल्म को बनाया है लेकिन कभी इस तरह सेंसर बोर्ड ने परेशान नहीं किया।
सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल : https://www.youtube.com/@MachisFilmProduction/



