रायपुर : राज्य में ACB लगातार रिश्वतखोरों के खिलाफ काम कर रही है, आये दिन कोइन ना कोई प्रशासनिक अधिकारी ACB के हत्थे लगातार चढ़ रहे है। ऐसे ही राजधानी रायपुर के ग्राम पंचायत डोमा के सरपंच और सचिव को एसीबी ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी एनओसी देने के नाम पर प्रार्थी से 18000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किये गये है, ACB ने पहले भी कुछ अधिकारी और सरपंच को गिरफ्तार किया है।
उक्त मामले में मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी लुकेश कुमार बघेल ने एन्टी करप्शन ब्यूरो रायपुर के कार्यालय में शिकायत की थी कि, उसके नाम ग्राम डोमा, तहसील और में जमीन है। जिस पर आवास बनाने के लिये बैंक लोन हेतु पंचायत से एनओसी और नक्शे की आवश्यकता थी। इस हेतु प्रार्थी ने ग्राम पंचायत डोमा के सचिव धमेन्द्र कुमार साहू से सम्पर्क किया तो पंचायत-सचिव ने प्रार्थी को आवेदन और अन्य दस्तावेज कार्यालय में जमा करने कहा : साथ ही 18000 रूपये रिश्वत की मांग की, इस शिकायत पर ACB ने कार्यवाही को अंजाम दिया।
पीड़ित ने की एसीबी से शिकायत :
उक्त कार्य के लिये प्रार्थी रिश्वत नहीं देता चाहता था, बल्कि रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन पर सही पाये जाने से आज दिनांक 5 अगस्त को उन दोनों रिश्वतखोरों को पकड़ने का जाल बुना गया। जिसमें प्रार्थी को आरोपी पंचायत सचिव धर्मेन्द्र कुमार साहू के पास उसके कार्यालय में भेजा गया। लेकिन आरोपी धर्मेन्द्र कुमार साहू ने स्वयं रिश्वत न लेते हुए अपने ही कक्ष में उपस्थित ग्राम डोमा के सरपंच देव सिंह बघेल को रिश्वत देने को कहा। जिसके बाद प्रार्थी ने पैसे सरपंच बघेल को दे दिये। सरपंच देव सिंह बघेल को रिश्वत देने के बाद ACB ने छापा मारा।
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उक्त कार्यवाही के बाद दोनों आरोपी धमेन्द्र कुमार साहू, पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत डोमा और सरपंच देव सिंह बघेल को ग्राम पंचायत कार्यालय में 18000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। ऐसे ही ACB के निशाने पर रिश्वतखोर लगातार है, जिन पर कभी – भी रिश्वत मांगने के नाम कार्यवाही हो सकती है।



