सेजबहार में लूट की घटना निकली फर्जी, चौंकाने वाला मामला आया सामने।

रायपुर : सेजबहार क्षेत्र में तीन दिन पहले हुई 20 लाख रुपए की लूट की घटना फर्जी निकली। सुपरवाइजर ने ही अपने दोस्त को कर्ज से उबारने के लिए लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी और रुपए अपने पास रख लिए थे। पुलिस ने सुपरवाइजर और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने 18 लाख रुपए से अधिक की राशि बरामद कर ली है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तेज गति से कार्यवाही शुरू की थी। वहीँ अब इसका पटाक्षेप हो गया है।

इस लूट के मामले का खुलासा करते हुए एएसपी कीर्तन राठौर और क्राइम ब्रांच डीएसपी संजय सिंह ने बताया कि सांई फ्यूल्स और इस्कान इंडिया प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के सुपरवाइजर मनोज कुमार ध्रुव ने गुरुवार को 20 लाख रुपए बाइक सवारों द्वारा लूट लेने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी जांच के दौरान मनोज का विस्तृत बयान लिया गया और घटना का रीक्रिएशन कराया गया। बयान और घटना का रीक्रिएशन के दौरान विरोधाभासी बातें सामने आई। इसके अलावा आसपास के सीसीटीवी कैमरों में भी लूटपाट करने वाले बाइक सवार दो युवक नजर नहीं आए। इससे मनोज पर ही शक हुआ, जिसके बाद पुलिस की सुई उसी पर आकर अटक गई। उससे और गहराई से पूछताछ करने पर यह लूट की वारदात झूठी निकली।

मनोज ने अपने साथी योगेंद्र कुमार भारती के साथ मिलकर 20 लाख रुपए को अपने पास रख लेने और लूट की झूठी कहानी बनाकर शिकायत करने का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस की टीम ने मनोज के घर से 18 लाख 54 हजार रुपए बरामद कर लिया है। उसके साथी योगेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई थी।

कर्ज में डूबा था दोस्त :

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पूछताछ में मनोज ने बताया कि योगेंद्र का टेंट और मोबाईल की दुकान है। वह काफी कर्ज में डूबा हुआ है। कुछ दिनों से वह मनोज से पैसों की मांग कर रहा था। मनोज के पास अक्सर कंपनी के पैसे होते थे। इस कारण दोनों मिलकर लूट की कहानी रची। घटना से एक दिन पहले घटना स्थल और रास्ते को देख लिया था। इसके बाद घटना वाले नोटों से भरा बैग उसने योगेंद्र को दे दिया। फिर मुजगहन थाने में लूट होने की झूठी शिकायत दर्ज करवाने पहुंचे थे।

पहले दिन पुलिस को लगा बाहरी गिरोह :

घटना वाले दिन पुलिस को लगा कि सही में लूट हो गई है। क्राइम ब्रांच की टीम भी बाहरी गिरोह होने की आशंका में आसपास के क्षेत्र में तलाश में लगातार जुटी रही। अलग-अलग टीमें बनाकर उसकी तलाश में लगी हुई थी। इस दौरान मनोज के बताए अनुसार बाइक सवार दो बदमाश सीसीटीवी फुटेज में नजर नहीं आए, तो पुलिस को शक हुआ। इसके बाद घटना रीक्रिएट कराने से शक और गहरा हो गया। फिलहाल पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बताया था कि गुरूवार को वेंकट हॉस्पिटल के सामने कुछ अज्ञात बदमाशों ने एक युवक का रास्ता रोककर, उनसे विवाद किया और उसके बाद मौका मिलते ही उनके पास रखे 20 लाख रुपए लूटकर फरार हो गए।

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