मिशनरी स्कूल में ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने पर मिली सजा, छात्र को परीक्षा देने से रोका, मामले में बड़ा बवाल।

चित्रकूट (उ.प्र.) : जिले में कथित तौर पर जय श्रीराम का नारा लगाने से नाराज सेंट थॉमस स्कूल कर्वी के प्रिंसिपल ने कक्षा 10वीं के छात्र को स्कूल की प्री बोर्ड परीक्षा में बैठने से रोक दिया था। इस मामले में पिता की सूचना पर स्कूल पहुंची डायल 112 पुलिस ने स्कूल प्रशासन को समझाकर छात्र को परीक्षा में शामिल करवाया। इस घटना की भनक लगने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता स्कूल परिसर में पहुंच गए और उन्होंने जमकर हंगामा काटा।

घटना में मिली जानकारी के मुताबिक, प्रिंसिपल के अपनी गलती स्वीकार की, जिसके बाद मामला शांत हो सका। इसके बाद विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने स्कूल के अंदर ही जय श्रीराम के नारे लगाए। यह मामला यूपी के चित्रकूट जिले के शहर कोतवाली कर्वी क्षेत्र के सेंट थॉमस सीनियर सेकेंडरी स्कूल का है। बताया गया कि यहां पर क्रिसमस डे के दिन स्कूल प्रशासन सेलिब्रेशन कर रहा था। तभी स्कूल के कक्षा 10वीं के छात्र हर्ष पांडेय ने अपने तीन अन्य सहपाठियों के साथ मिलकर जय श्रीराम का नारा लगा दिया था।

इस पर एलिस नाम के एक टीचर ने उन्हें ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाने से मना किया और डांटते-फटकारते हुए फादर डेनिस के पास ले गए। इस पर फादर ने तीनों बच्चों के परिजन को स्कूल में तलब किया। हर्ष पांडेय के अभिभावक बुलाने के बाद भी नहीं आए। आज जब हर्ष पांडेय स्कूल में आयोजित प्रीबोर्ड परीक्षा देने के लिए पहुंचे तो स्कूल के फादर डेनिस ने बच्चे को क्लास रूम से बाहर निकाल दिया। साथ ही बच्चे को अपने पिता को बुलाने के लिए भी कहा।

इस पर एक घंटे तक बच्चे को एग्जाम नहीं देने दिया गया, जिसके बाद बच्चे के पिता हरदेव पांडेय स्कूल पहुंचे। उन्होंने डायल 112 नंबर की पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस के दखल के बाद स्कूल प्रशासन ने छात्र को एग्जाम में बैठने दिया गया। इसके कुछ देर बाद ये खबर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को लग गई थी और वे लोग भी मौके पर पहुंचे और स्कूल के अंदर घुसकर ही जय श्रीराम के नारे लगाते हुए जमकर हंगामा काटा।

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साथ ही स्कूल के फादर से जय श्रीराम के नारे का विरोध करने पर सवाल-जवाब किया। इस पर स्कूल के फादर डेनिस ने गलती स्वीकार करते हुए ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हो सका। विद्यालय प्रबंधक फादर ने कहा कि यह विद्यालय है। यह सब विद्यालाय में न हो तो अच्छा है। हम से भी अगर कोई राधे-राधे कहता है तो हम लोग भी उसे यही जवाब देते हैं। विद्यालय को धर्म और राजनीति से न जोड़ा जाए। वहीं शिवरामपुर चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, जो मूकदर्शक बनी तमाशा देखती रही। मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय पदाधिकारी रोहित तिवारी ने कहा कि चित्रकूट भगवान श्रीराम की तपोभूमि है। भगवान श्रीराम करोड़ों हिंदुओं के आराध्य हैं।

ऐसे में जिले के सेंट थॉमस स्कूल प्रशासन द्वारा हिंदू बच्चों को जय श्रीराम बोलने से मना किया जाना बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिर में अगर जय श्रीराम, भारत माता की जय और वंदे मातरम नहीं बोलेगा तो छात्र राष्ट्र चिंतन कैसे करेंगे? उन्होंने हिंदू अभिभावकों से अपने बच्चों को ऐसे मिशनरी स्कूलों में न पढ़ाने का आह्वान किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवरामपुर पुलिस भी मौके पर पहुंची हुई, लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया और तमाशा देखती रही। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक और शिक्षा के मुद्दे पर बहस छेड़ दी है। साथ ही ये सवाल भी खड़ा हो गया है कि जब मिशनरी स्कूल में इसाईयत की शिक्षा दी जा रही है तो दूसरे धर्मो से परहेज क्यूँ?

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