मतदाता सूची को लेकर सामने आई बड़ी खामी, पति-पत्नी अलग – अलग वार्ड में देंगे वोट, परेशानी में परिवार।

पेंड्रा : मतदाता सूची में जब परिवार के सभी सदस्य एक ही क्षेत्र से आवेदन देते है तो ऐसे में उनका वोट देने का अधिकार भी एक ही क्षेत्र से होना चाहिये और उनका रहने का स्थान भी एक ही होता है, ऐसे में जहाँ कई मतदाता वोट देने में उदासीनता बरतते है तो ऐसे में वोटिंग देने के लिये कुछ मतदाता रूचि नहीं दिखा सकते, ऐसे ही छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले में मतदाता सूची ने पति-पत्नी के बीच बंटवारा कर दिया है। यह बात सुनने में भले ही अटपटी लगे, लेकिन ऐसा सच मे हुआ है। चुनाव में वोट किसे दें, इस पर परिवार के सदस्यों की राय अलग-अलग होना तो आम बात है। लेकिन पेंड्रा नगर पालिका परिषद में प्रशासन की वार्डबंदी ने एक दंपति को ही बांट दिया हैं। ऐसा हुआ है पेंड्रा में सब्जी बेचकर जीवन यापन करने वाले रामकुमार रजक के साथ। इस तरह से परिवार मुश्किल में आ गया है।

दरअसल, पेंड्रा नगर पालिका परिषद के रहने वाले रामकुमार और उनका परिवार वर्षों से पेंड्रा के वार्ड 14 में निवास करता है। इस बार होने वाले नगरीय निकाय चुनाव में पति रामकुमार रजक और उनकी पत्नी परमेश्वरी रजक को मतदाता सूची में हुई गड़बड़ी ने अलग कर दिया है। पति रामकुमार रजक का नाम मतदाता सूची में जहाँ पेंड्रा के वार्ड 14 में शामिल हैं। वहीं पत्नी परमेश्वरी को वार्ड 15 की सूची में शामिल किया गया है। जिसके बाद से दोनों पति पत्नी के बीच अनबन भी शुरू हो गया है। इससे उनके परिवार में भी बवाल सामने आया है।

पत्नी का दूसरे वार्ड में कर दिया नाम :

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रामकुमार रजक का कहना है कि साजिश के तहत मेरी पत्नी का नाम दूसरे वार्ड में किया गया है। जबकि, पिछले कई चुनावों मैं और मेरा परिवार पेंड्रा के वार्ड 14 में रहकर उसी मतदाता सूची के अनुसार वार्ड नंबर 14 से वोट डालते आए हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर कोर्ट में भी अपील करने की बात कही है। वहीँ यह मामला सुर्ख़ियों में तो आ गया है, लेकिन अमूमन ऐसा लगभग हर जिले में है, जहाँ ऐसे मामले सामने आ चुके है, जिसके कारण खासकर राजधानी में कई परिवार जो उत्तर विधानसभा या ग्रामीण में रहते है, उनका वोट दक्षिण और पश्चिम में आने के कारण उनके परिवार ने वोट नहीं दिया था। रायपुर काफी बड़ा शहर है, जहाँ 5 किलोमीटर के दायरे में भागा – दौड़ी करनी पड़ती है और ट्रैफिक के कारण आधा घंटा तो रस्ते में लग जाता है, ऐसे में की जागरूक मतदाताओं ने भी अपना वोट देने में उदासीनता बरती है।