इजराइल की इस लेडी फाईटर ने हमास के चुन-चुनकर 20 से ज्यादा आतंकियों को कर दिया ढेर, इस तरह दिया घटना को अंजाम….।

येरुसलम (इजराइल) : गाजा पट्टी इजराइल के बीच से होकर निकलती है, जिसको लेकर इजराइल हमेशा चौकन्ना रहता है, जब – जब इजराइल पर हमास ने हमला किया है, तब – तब इजराइल ने गाजा पर कब्ज़ा बढ़ाया है, इस बार लगता है इजराइल गाजा को पूरे तरीके से अपने कब्जे में ले लेगा। इधर हमास ने इजराइल पर चौंका देने वाला हमला किया और एक के बाद एक रॉकेट दागे जा रहे थे। हर तरफ विस्फोटों की आवाज सुनाई दे रही थी। इजराइलियों को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि अचानक ये क्या हो गया है? इजराइल सरकार ने आपातकालीन घोषित कर दिया। ऐसे वक्त में एक इजराइली महिला ने स्थानीय स्तर पर मोर्चा संभाला। वह घर-घर जाकर लोगों को बुला रही थी और उन्हें हथियार थमा रही थी।

शायद उसको पता चल गया था कि आगे क्यो होने वाला है। उसका अंदाजा भी सही साबित हुआ। गाजा पट्टी क्षेत्र में किबुत्ज निर एम एक ऐसा गांव है, जिसका हमास के आतंकी कुछ नहीं बिगाड़ पाए, जितने भी आतंकियों ने गांव में घुसने की कोशिश की। उन्हें चुन-चुनकर मार गिराया। ये काम किया उस महिला ने, जिसकी सूझबूझ हमास के आतंकियों पर भारी पड़ गई। हमास के आतंतकी गांव में दाखिल होते उससे पहले ही इनबिल राबिन लिबरमैन नाम की इस महिला ने गांव के अन्य लोगों के साथ मिलकर करीब 25 हमास आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया। अब इस महिला की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है। इस महिला ने बड़े ही साहस के साथ हमास के आतंकियों पर हमला किया।

इस तरह पहुँचाया आतंकियों को अंजाम तक :

7 अक्टूबर की सुबह इनबल को ये अंदाजा हो गया था कि इजराइल पर हमला हुआ है। अब आतंकी गांव को निशाना बना सकते हैं। इसके बाद वह घर-घर भागी और बस्ती के लोगों के साथ एक रैपिड रिस्पॉन्स टीम तैयार की। उस टीम में सभी को हथियार बांट दिए इस महिला ने। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इनबल ने साफ तौर पर ये कहा कि जो भी गांव की बाड़ के करीब आए उसे छोड़ा न जाए। निर्दोष नागरिकों की हत्या करने के लिए जब आतंकी गांव की ओर बढ़े तो गांव की ओर से उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इसके लिए शायद आतंकी भी तैयार नहीं थे। इसलिए इनबल और उसकी टीम का सामना नहीं कर पाए। गांव में जितने भी आतंकियों ने घुसने की कोशिश की। सबको वहीं ढेर कर दिया गया। बाद में जब इनकी गिनती हुई तो सामने आया कि मरने वाले 25 आतंकी थे। इन आतंकियों में से एक भी नहीं बचा।

इनबल राबिन की बहादुरी को सलाम :

25 वर्षीय इनबल राबिन लिबरमैन की बहादुरी की वजह से ही गाजा पट्टी पर यह एक मात्र गांव ऐसा है जिस पर हमास के आतंकी कब्जा नहीं कर पाए। 7 अक्टूबर को जब हमास के हमले से पूरे देश में अफरा तफरी का माहौल था, तब इनबल राबिन यह योजना बना रही थीं कि गांव की सुरक्षा कैसे की जाए। दरअसल इनबल किबुत्ज निर एम गांव की सुरक्षा प्रमुख हैं, जो सामान्य और आपातकालीन हालात में गांव की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होता है, सुरक्षा प्रमुख काम काम ही पुलिस, सुरक्षा बलों और गांव के लोगों के बीच संपर्क स्थापित करना होता है। किबुत्ज गांव में इनबल को पिछले साल दिसंबर में ही नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपने चाचा अमी राबिन की जगह ये पद पाया था। उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। इनकी दूरदृष्टि और सक्रियता की हर कोई प्रशंसा कर रहा है।

अब तेल अवीव में हैं इनबल :

आतंकियों का सफाया करने के बाद IDF की टीम ने गांव को खाली करा लिया, अब इनबल तेल अवीव के एक होटल में रुकी हैं, 9 अक्टूबर को उन्होंने अपना जन्मदिन भी मनाया। यहां मेयर रॉन हुल्दाई ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी इनबल की तारीफ की है और दर्जनों लोगों की जान बचाने के लिए आभार जताया है। इजराइल के विदेश मंत्रालय की ओर से इनबल की तारीफ की गई है। इनबिल राबिन लिबरमैन के इस सराहनीय प्रयास से गाँव के निर्दोष आतंकियों के हत्थे चढ़ने से बच गये।