इंदौर (म.प्र.) : ये मुंबई शहर हादसों का शहर है, यही लाइनें अगर इंदौर के लिये कही जायें तो अतिश्योक्ति नहीं होगी, कभी सफाई में नंबर 1 , तो कभी एक से एक घटनाओं की खबर, जितना मध्यप्रदेश की राजधानी सुर्ख़ियों में नहीं रहती उतना तो इंदौर चर्चा में रहता है। अब यहाँ 70 साल के विजय माठे ने एक कैफे को आग लगाकर खाक कर डाला। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस घर पहुंची तो माठे बोला यहां लड़कियां सिगरेट पीती हैं। मैंने सबक सिखाने के लिए कैफे जलाया है। विजय माठे अभिनेता अमिताभ बच्चन की फिल्म शहंशाह से प्रभावित है। उसका कहना है कि लोगों को सुधारना ही उसका मकसद है।
टीआइ तारेश सोनी के मुताबिक स्कीम-78 में स्काई कार्पोरेट के पास ‘द स्ट्रेट’ के नाम से शुभम भोलाराम चौधरी (लसूड़िया मौरी) का कैफे है। सोमवार-मंगलवार के दरमियानी रात कैफे में आग लग गई। सुबह जब शुभम पहुंचा तो देखा आग इतनी भीषण थी कि फर्नीचर, डी-फ्रीजर, फ्रीज, काफी मशीन, समोसा मशीन, मिक्सर, डीप फ्रायर, इनडेक्शशन, पिज्जा ओवन, समोसा ओवन सहित सारा का सारा सामान जल गया है।
शुभम ने पहले सोचा कि आग शार्ट सर्किट के कारण लगी होगी। शक के आधार पर कैफे के पास स्थित फायनेंस कंपनी के सीसीटीवी फुटेज निकाले तो एक वृद्ध नजर आया जो अक्सर आसपास ही घूमता रहता था। लोगों ने बताया उसका नाम विजय माठे है और उसे कई बार देखा है। जिसके बाद शुभम को उस बुजुर्ग पर शक हुआ, लेकिन भरोसा नहीं हो रहा था, कि बुजुर्ग जबरदस्ती उसे नुकसान क्यूँ पहुँचायेगा?
पुलिस ने किया घर से गिरफ्तार :
बुधवार को पुलिस ने विजय को घर से गिरफ्तार कर लिया। उससे थाने में पूछताछ की तो बुजुर्ग ने आग लगाना स्वीकार लिया। टीआइ से बोला वहां लड़कियां सिगरेट पीती हैं। माहौल खराब हो रहा था, मैंने तो समाज में सुधार लाने के लिए आग लगाई है। टीआइ ने फटकार लगाई और कहा कि कैफे में पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस पर विजय ने थाने से फोन लगाया और कहा कि थाने में पांच लाख रुपये लेकर आ जाना। विजय थाने में बहकी बहकी बातें कर रहा था। इधर पुलिस वाले माजरा समझने का प्रयास कर रहे थे।
पांच जगहों के फुटेज निकाले तो साइकिल से जाता दिखा आरोपी :
शुभम के मुताबिक फायनेंस कंपनी के फुटेज में विजय साइकिल से जाता हुआ दिखा। चार अन्य जगहों के फुटेज निकाले तो हाथ में ज्वलनशील पदार्थ की कुप्पी लिए नजर आया। कड़ियां जोड़ते हुए घर पहुंचे तो लोगों ने बताया विजय वहां रहता है और साइकिल भी चलाता है। टेलिफोन विभाग से सेवानिवृत होने के बाद विजय अक्सर क्षेत्र में ही घूमता देखा गया है। अब विजय माठे क्षेत्र में कौतुहल बना हुआ है, कि बुजुर्ग ये सब करने की अचानक क्या सूझी?